प्रकाश कपरुवांण
जोशीमठ। गत वर्ष 7 फरवरी को विनाशकारी जलजले की भेंट चढ़ी सैकड़ों जिन्दगियों के शवों का मिलना एक वर्ष के बाद भी जारी है।सोमवार को तपोवन टनल से एक और शव बरामद हुआ है।
एनटीपीसी द्वारा निर्माणाधीन 520 मेगावाट की जल विद्युत परियोजना की तपोवन की सुरंगों में कार्य कर रहे सैकड़ों कार्मिक जिंदा दफन हो गए थे। कई महीनों तक शवों के ढूंढने के अथक प्रयासों के बाद परिजनों ने अपने रीति रिवाजों के मुताबिक उनके संस्कार भी कर लिए थे, लेकिन अब जैसे जैसे टनल से मलबा हटाया जा रहा है, शव भी मिल रहे हैं।
बीती 16 फरवरी को भी निर्मात्री कंपनी ऋत्विक के इंजीनियर गौरव प्रसाद का शव मिला था, पांच दिन बाद आज इसी कंपनी में कार्यरत जोशीमठ ब्लॉक के किमाणा गावँ निवासी 21 वर्षीय रोहित भण्डारी का शव मिला है। रोहित अपने माँ.बाप का एकमात्र सहारा था।
गौरतलब है कि इस विनाशकारी जलजले में किमाणा गांव के तीन युवा रोहित के अलावा अरविंद भण्डारी व रामकिशोर भी काल के ग्रास में समा गए थे।











