• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

 ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

07/02/23
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
37.5k
SHARES
46.8k
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter

रिपोर्ट – जसपाल राणा

देहरादून : उत्तराखंड के इन 5 जिलों में भी दहशत। उत्तराखंड के जोशीमठ में धंसती धरती के बीच अब प्रशासन बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित घरों और होटलों को गिराने का फैसला किया है। इस बीच, राज्य के 5 जिलों में भी ऐसे कई इलाके सामने आए हैं, जहां घरों में दरारें आने से लोग डर के साये में देखे जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यहां ब्लास्टिंग और रेलवे के कार्यों की वजह से घरों को नुकसान पहुंचा है। उत्तराखंड में जोशीमठ में भू – धंसाव की खबरें पिछले एक हफ्ते से सुर्खियां बटोर रही हैं। बद्रीनाथ धाम के रास्ते में पड़ने वाले इस पवित्र शहर में 678 इमारतों को असुरक्षित घोषित किया है और 82 परिवारों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। कई एक्सपर्ट्स ने जोशीमठ पर पुरानी रिपोर्टों का हवाला दिया है, जो अब सटीक साबित होती दिख रही हैं। स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है और वे घरों और होटलों की बढ़ती संख्या और तपोवन विष्णुगढ़ NTPC पन बिजली परियोजना समेत मानव निर्मित फैक्टर्स को दोषी ठहरा रहे हैं। लेकिन जोशीमठ अकेला नहीं है। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में इसी तरह की और भी आपदाएं आ रही हैं। पौड़ी, बागेश्वर, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल और रुद्रप्रयाग का भी यही हश्र हो सकता है।

टिहरी जिले के नरेंद्रनगर विधानसभा क्षेत्र के अटाली गांव से होकर गुजरने वाली ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अटाली के एक छोर पर भारी लैंडस्लाइड के कारण दर्जनों मकानों में दरारें आ गई हैं। गांव के दूसरे छोर पर सुरंग में चल रहे ब्लास्टिंग के कारण घरों में भी भारी दरारें आ गई हैं। अटाली निवासी हरीश सिंह का कहना है कि टनल में जब दिन और रात में ब्लास्टिंग होती है तो उनका घर हिलने लगता है। प्रभावित परिवारों में से कुछ अपने बच्चों के साथ रात के अंधेरे में बाहर निकलने को विवश हैं। अपर जिलाधिकारी टिहरी और एसडीएम नरेंद्रनगर ने भी सभी प्रभावित परिवारों के साथ बैठक की। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन हर छह माह में बैठक करता है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। टिहरी गढ़वाल के अटाली गांव के एक छोर पर भारी लैंडस्लाइड से दर्जनों मकानों में दरारें आ गई हैं।

ग्रामीण अब अटाली गांव से अपने पुनर्वास की मांग कर रहे हैं। अटाली के अलावा गूलर, व्यासी, कौडियाला और मलेथा गांव भी ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेलवे लाइन परियोजना से प्रभावित हैं।

पौड़ी – घरों में दिखाई देने लगी हैं दरारें

स्थानीय लोगों का कहना है कि चल रहे रेलवे प्रोजेक्ट की वजह से से उनके घरों में दरारें आ गई हैं. ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के सुरंग निर्माण कार्य से श्रीनगर के हेदल मोहल्ला, आशीष विहार और नर्सरी रोड समेत अन्य घरों में दरारें दिखाई देने लगी हैं. हेदल मोहल्ला निवासी शांता देवी चौधरी का कहना है कि लोग डर के साये में रह रहे हैं। पौड़ी के स्थानीय लोगों का कहना है कि चल रहे रेलवे प्रोजेक्ट की वजह से उनके घरों में दरारें आ गई हैं। आशीष विहार निवासी पीएल आर्य ने कहा कि रेलवे द्वारा दिन – रात ब्लास्टिंग की जाती है, जिससे कंपन होता है, उसी कारण घरों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। लोगों ने मांग की है कि सरकार को जल्द फैसला लेना होगा और मैन्युअली काम करना होगा ताकि उनके घरों को नुकसान ना हो।

बागेश्वर – गांव में पानी का रिसाव, लोगों में दहशत

बागेश्वर के कपकोट के खरबगड़ गांव पर खतरा मंडरा रहा है। इस गांव के ठीक ऊपर जलविद्युत परियोजना की सुरंग के ऊपर पहाड़ी में गड्ढे बना दिए गए हैं और जगह-जगह से पानी का रिसाव हो रहा है. इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. कपकोट में भी भूस्खलन की खबरें आई हैं. इस गांव में करीब 60 परिवार रहते हैं। बागेश्वर के कपकोट के खरबगड़ गांव पर खतरा मंडरा रहा है। खरबगड़ निवासी हयात सिंह कहते हैं कि टनल से पानी टपकने की समस्या लंबे समय से है। लेकिन सुरंग जैसा गड्ढा कुछ समय पहले से बनना शुरू हो गया है। खरबाद गांव के ऊपर एक सुरंग है और नीचे रेवती नदी बहती है।

इसे भी देखें : राहत सामग्री लेकर दिलऊ गाँव पहुँची लोक पंचायत

उत्तरकाशी – धीरे-धीरे चपेट में आ रहा है पूरा गांव

उत्तरकाशी के मस्तदी और भटवाड़ी गांव खतरे के निशान में हैं। जोशीमठ की घटना से मस्तड़ी के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। यहां 1991 में आए भूकंप की वजह से इमारतों में दरारें आ गई थीं. इस समय पूरा उत्तरकाशी जिला प्राकृतिक आपदा की चपेट में है। जिला मुख्यालय से महज 10 किमी दूर यहां के निवासियों का कहना है कि गांव धीरे-धीरे डूब रहा है. घरों में दरारें अभी से नजर आने लगी हैं। 1991 में आए भूकंप के बाद मस्तदी लैंडस्लाइड की चपेट में आ गया. 1995 और 1996 में घरों के अंदर से पानी निकलने लगा, जो अब भी जारी है। उस समय प्रशासन ने गांव का जियोलॉजिकल सर्वे भी किया था। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल का कहना है कि मस्तदी गांव का दोबारा जियोलॉजिकल सर्वे किया जाएगा, उसके बाद ही पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

जिला मुख्यालय से महज 10 किमी दूर मस्तदी के निवासियों का कहना है कि गांव धीरे-धीरे डूब रहा है। वहीं, भटवाड़ी गांव की भौगोलिक स्थिति जोशीमठ के समान है क्योंकि इसके नीचे भागीरथी नदी बहती है और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग ठीक ऊपर है. 2010 में भागीरथी में कटाव आने से 49 घर प्रभावित हुए थे. जो इमारतें सुरक्षित थीं, वे अब असुरक्षित हो गई हैं, क्योंकि हर साल दरारें बढ़ती जा रही हैं। 2010 में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा नदी में डूब गया था और प्रभावित 49 परिवारों को प्रशासन द्वारा अस्थायी रूप से अन्य जगह भेज दिया था. प्रत्येक को 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था। भूवैज्ञानिकों के शुरुआती और विस्तृत सर्वे के बाद प्रशासन ने सरकार को एक रिपोर्ट भेजी थी। जिसमें 49 परिवारों के स्थायी पुनर्वास की सिफारिश की गई थी। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भटवाड़ी गांव की भौगोलिक स्थिति जोशीमठ की तरह है। यहां नीचे भागीरथी बहती है और गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग ठीक ऊपर है। यहां कुल 26 गांवों को अति संवेदनशील के रूप में चिन्हित किया गया है. इनमें भटवाडी, अस्तल, उदरी, धनेती, सऊद, कामद, थंडी, सिरी, धारकोट, क्यार्क, बरसू, कुज्जन, पिलांग, जोदव, हुर्री, धसदा, डंडालका, अगुड़ा, भंकोली, सेकु, वीरपुर, बडेठी, कांसी, बड़िया, कफनौल और कोरना का नाम है. हालांकि, सिर्फ 9 गांवों का विस्तृत सर्वेक्षण भूवैज्ञानिकों द्वारा किया गया था।

रुद्रप्रयाग – कई घर धराशायी हुए, कई नष्ट होने के कगार पर

रुद्रप्रयाग का मरोदा गांव ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण का खामियाजा भुगत रहा है। गांव में सुरंग निर्माण के कारण कुछ घर धराशायी हो गए हैं और कई घर नष्ट होने के कगार पर हैं, जिन प्रभावित परिवारों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है, वे आज भी जर्जर मकानों में रह रहे हैं। अगर जल्द ही ग्रामीणों को यहां से नहीं हटाया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। रेलवे का निर्माण कार्य जोरों पर है. पहाड़ों में भूस्खलन की संभावनाओं को देखते हुए ज्यादातर ट्रैक सुरंगों के जरिए होंगे। सुरंगों के निर्माण के कारण गांव के घरों में मोटी दरारें पड़ गई हैं। गांव की महिलाएं बेबस नजर आती हैं और सरकार को दोष देती हैं. मरोदा गांव में कभी 35 से 40 परिवार हुआ करते थे, लेकिन अब 15 से 20 परिवार ही बचे हैं। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित का कहना है कि मरौदा गांव के विस्थापित परिवारों को जल्द मुआवजा दिया जाएगा. फिलहाल उनके लिए टीन शेड बनवाए गए हैं और जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। हालांकि इन शेड में रहने वाले लोगों का आरोप है कि यहां कोई सुविधा नहीं है। उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में एक असुरक्षित इमारत पर रेड क्रॉस बना हुआ है।

फिलहाल, प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को प्राथमिकता दिए जाने की जरूरत है, ताकि जोशीमठ जैसी पुनरावृत्ति ना हो सके। जानकारों का कहना है कि अगर समय से शासन और प्रशासन नहीं चेता तो यहां के परिणाम दर्दनाक हो सकते हैं।

Share14981SendTweet9363
Previous Post

विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

Next Post

डोईवाला : यूकोस्ट और हिमालयीय विश्वविद्यालय का ‘हिमालय में विज्ञान’ अभियान

Related Posts

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

July 22, 2026
5
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन

July 22, 2026
6
उत्तराखंड

बारिश से पहाड़ों में बढ़ा खतरा

July 22, 2026
4
उत्तराखंड

डोईवाला: आपदा प्रभावित क्षेत्र का विधायक ने लिया जायजा

July 22, 2026
5
उत्तराखंड

कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुचारु एवं सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने की व्यापक तैयारी

July 22, 2026
20
उत्तराखंड

उद्योग समर्थित कौशल विकास से युवाओं को मिल रहे रोजगार के नए अवसर: चंदेल

July 22, 2026
12

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67713 shares
    Share 27085 Tweet 16928
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45786 shares
    Share 18314 Tweet 11447
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38069 shares
    Share 15228 Tweet 9517
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37453 shares
    Share 14981 Tweet 9363
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37370 shares
    Share 14948 Tweet 9343

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना’ के द्वितीय चरण का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

July 22, 2026

मुख्यमंत्री ने किया ‘सेवा विधि‘ पुस्तक का विमोचन

July 22, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.