• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

औषधीय गुणों से भरपूर भंगजीरा, किसानों को बना सकता है स्मृद्ध

26/08/19
in उत्तराखंड, हेल्थ
Reading Time: 1min read
1.8k
SHARES
2.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

जयदेव चौहान एवं डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
भंगजीरा जिसका वैज्ञानिक नाम परिला फ्रूटीसेंस है, लमिएसिए परिवार का एक सदस्य है, जिसे आमतौर पर भांजीरा या भंग्जीरा के रूप में जाना जाता है। भारतीय हिमालय की एक अल्पविकसित फसल है। यह भारत और चीन का मूल निवासी है और पेरिला के नाम से भी जाना जाता है। इसके प्रमुख उत्पादक देश चीन, भारत, जापान, कोरिया, थाईलैंड और अन्य पूर्वी एशियाई देश हैं। यह एक वार्षिक प्रजाति का पौधा है और भारत के पहाड़ी राज्यों में व्यापक रूप से विस्तृत है। भारत में और उष्णकटिबंधीय और समशीतोष्ण में विस्तरित हिमालय कश्मीर से भूटान मै 457-2590 मीटर ऊंचाई पर पाया जाता है। रूपात्मक वर्णों के आधार पर, आमतौर पर दो प्रकार से विभाजित किया गया है। पहला हरे पत्ते वाली और दूसरी बैंगनी पत्ती वाली किस्में है।
इनमें हर किसी की पत्तियां व्यापक रूप से स्वाद, भोजन के लिए उपयोग की जाती हैं। चीन, कोरिया और जापान में इसे दवा और तेल के साथ प्रयोग किया जाता है और इनमें सबसे लोकप्रिय है। गार्निश और खाद्य क्लरेंट में से एक के रूप में प्रयोग करना, पत्तियों के साथ.साथ बीज भी लोकप्रिय हैं और पारंपरिक चीनी हर्बल दवाएं, सर्दी और खांसी के लिए और पाचन को बढ़ावा देने के लिए पौधा अपने पौष्टिक मूल्य के कारण महत्वपूर्ण है।
वही हमारे गढ़वाल एवं कुमाऊं में इसे चटनी के रूप में प्रयोग किया जाता है, जो अनजाने में अपने साथ कई औषधीय गुणों से भरपूर है। एक स्टडी के अनुसार इसे विटामिन और खनिज युक्त, टेरपेनोइड्स, फेनोलिक्स, फ्लेवोनोइड और एंथोसायनिन में सूचित किया गया है। इसे एंटीऑक्सिडेंट, एंटीस्पास्मोडिक दिखाया गया है। हाल ही में इसे यूरोप, रूस और यूएसए जैसे अन्य देशों में भी पेश किया गया है। हिमालय क्षेत्र मै इसके बीजों को कच्चा खाया जाता हैए बीज का तेल खाना पकाने के उद्देश्यों के लिए उपयोग मै भी किया जाता है और तेल के कच्चे या मवेशियों को खिलाया जाता है। भुने हुए बीज मसालेदार चटनी के लिए तैयार किए जाते हैं। पेरीला के बीज में असंतृप्त वसा अम्ल जिसे आम भाषा मै ओमेगा 3, 6, 9 फैटी एसिड भी कहते है, जो हृदय से जुड़े विकारों को कम करने में मदद करता है। विभिन्न पॉलीफोरोल, खनिज, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट होते हैं। एंटीमाइक्रोबियल, एंटीऑक्सिडेंट, साइटोटॉक्सिसिटी, एंटी.इंफ्लेमेटरी और एंटी.एलर्जिक गतिविधियों जैसे कुछ दवा गुण भी बताए गए हैं।
यह भी प्रदर्शित किया गया है कि यह भोजन का एक संभावित स्रोत है जो प्रोटीन और ओमेगा 3 और 6 पॉली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड से भरपूर होता है, जिसे मानव और पशु के लिए पौष्टिक भोजन माना जा सकता है। कुछ आवश्यक तत्वों, जैसे कि थ्मए डर्दए द और ब्ं के अपेक्षाकृत उच्च सांद्रता का प्रदर्शन जानवरों और मनुष्यों में विषाक्त तत्वों की अवधारण को प्रभावित करने के लिए किया गया है। इसके तेल में रोगाणुरोधी गुण की विविधता की वजह से पौधे में एक विशिष्ट गंध होती है जो आवश्यक तेल घटक इसके पोषण को प्रभावित करते हैं और औषधीय गुणों से भरते हैं। इसका तेल सीमित जांच का विषय है, जो गुलाब के एक समृद्ध स्रोत के रूप में सूचित किया जाता है, इससे स्वादिष्ट मसाला और इत्र भी बनाया जाता हैै।
पेरिलाकिटोन को इसमें प्रमुख घटक के रूप में पहचान की गई है विभिन्न पौधों के अंगों और इसके तेल मै शोध जरी है । जिसमे डॉ हरीश चंद्र अन्डोला द्वारा भी एक शोध किया गया है जो जर्नल ऑफ़ एसेंशियल आयल रिसर्च में छपा जिसकी स्टडी के अनुसार उन्होंने भंगजीरा से कुल मिलाकर, सोलह वाष्पशील यौगिकों की पहचान की और एक भिन्नता उनकी सामग्री में पाया । 1. 3.फुरनील .4.मिथाइल.1.पैंटानोन पेरिलैकेटोन पाया गया था। सबसे प्रचुर मात्रा में वाष्पशील यौगिक 44.4.69.2, इसके बाद इसोएगोमैकेटोन 7.3-27.6, ट्रांसकार्योफिलीन 0.1-17.8 और लीनूल 0.3.5.0। साथ ही साथ उन्होंने इसमें ओमेगा फैटी एसिड की भी पुष्टि की और कहा की यह ह्रदय से जुडी बिमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भांजीरा या भंग्जीरा भंगजीरा पौधे के बीज और पत्तियों में ओमेगा.3 व ओमेगा.6 प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जो कॉड लीवर आयल का बेहतर विकल्प है।
शोध के वैज्ञानिकों का दावा है कि यदि सरकार व दवा कंपनियां इस दिशा में पहल करें तो भंगजीरा की व्यावसायिक खेती करके रोजगार के बेहतर अवसर पैदा किए जा सकते हैं। यही नहीं इससे मांस, मछली न खाने वालों को ओमेगा.3 व ओमेगा.6 का शुद्ध और बेहतर विकल्प भी मिल सकेगा। मुख्य रूप से मात्र ही स्त्रोतों ओमेगा 3 ओमेगा 6 ओमेगा 9 जो कि मानव के बैद्धिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, उत्तराखण्ड में भांजीरा या भंग्जीरा बाजार उपलब्ध न होने के कारण स्थानीय काश्तकार इसे कुछ मात्रा में उगाते हैं। उत्तराखंड के अलग अलग पहाड़ी इलाकों में इसे उगाने की बात चल रही है। अगर ऐसा होता है तो पर्यावरण संरक्षण के साथ साथ स्वरोजगार की दिशा में ये बेहतर कदम होगा। प्रदेश शासन को इस मुहिम में अपना भरपूर योगदान देना चाहिए। यह राज्य की आर्थिकी का एक बेहतर पर्याय बन सकता है।

Share738SendTweet462
Previous Post

राम गंगा उद्गम क्षेत्र के ग्यारह गांवों में रोपी नेपियर घास

Next Post

उत्तराखंड पुलिस का शानदार कार्य, गाय को कड़ी मशक्कत के बाद सकुशल नदी से बाहर निकाला

Related Posts

उत्तराखंड

राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय विज्ञान क्विज प्रतियोगिता का आयोजन

January 16, 2026
39
उत्तराखंड

किसान आत्महत्या मामले में कांग्रेस का पुलिस मुख्यालय कूच, डोईवाला से बड़ी संख्या में कांग्रेसी शामिल

January 16, 2026
16
उत्तराखंड

डोईवाला: केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन

January 16, 2026
23
उत्तराखंड

नुक्कड़ सभा में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग

January 16, 2026
11
उत्तराखंड

पूर्व सैनिक नायक कलम सिंह बिष्ट को सम्मानित किया गया

January 16, 2026
11
उत्तराखंड

वीबी जी राम जी योजना से गांवों में रोजगार की मजबूत नींव रख रही है भाजपा: दीप्ति रावत

January 16, 2026
31

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67583 shares
    Share 27033 Tweet 16896
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45769 shares
    Share 18308 Tweet 11442
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38040 shares
    Share 15216 Tweet 9510
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37430 shares
    Share 14972 Tweet 9358
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37312 shares
    Share 14925 Tweet 9328

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय विज्ञान क्विज प्रतियोगिता का आयोजन

January 16, 2026

किसान आत्महत्या मामले में कांग्रेस का पुलिस मुख्यालय कूच, डोईवाला से बड़ी संख्या में कांग्रेसी शामिल

January 16, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.