गैरसैंण। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर गैरसैंण पहुंचे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने प्रेस वार्ता में कहा कि भाजपा की सरकार अपने ढाई वर्ष के कार्य काल में रोजगार, पलायन, राज्य की स्वास्थ्य, शिक्षा व्यवस्था पर पूरी तरी विफल रही है।
उन्होंने कहा कि यदि 2022 में कांग्रेस की सरकार बनने पर गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी घोषित कर दिया जायेगा। पूरे राज्य निर्माण आंदोलन को गैरसैंण ने ही एक सूत्र में पिरोये रखा। गैरसैंण पर कहीं भी किसी का विरोध नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन के दौरान कानून व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। गत दिनों पौडी में युवती को जिन्दा जला दिया जाना ए देहरादून और प्रेम नगर में दिन दहाड़े पड़ने वाली डकैती इसका उदाहरण है। कहा कि राज्य की पंचड बहुमत की डबल इंजन वाली सरकार पूरी तरह जुमलेबाज साबित हुई है। भाजपा सरकार को लकुवा मार गया है वह आई सी यू में पड़ी है। केदार नाथ के विधायक मनोज रावत पर हुए जान लेवा हमले की उन्होंने निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश में चारों ओर अराजकता का माहौल बना हुआ है गैरसैंण 9 नवंबर 2000 से मार्च 2012 तक नैपथ्य में चले गया था। गैरसैंण राजधानी उनकी सरकार ही बना सकेगी।
कहा कि पूरे प्रदेश में जिला स्तर पर कांग्रेस का धरना प्रदर्शन कार्यक्रम शूरू हो गया है। सुप्रीम कोर्ट का अयोघ्या मसले पर फैसला आ जाने पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का सम्मान और स्वागत करती है और उन्होंने समाज के सभी वर्गों से आपसी सौहार्द बनाये रखने की अपील की है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा कि 15 दिनों तक पार्टी के कार्यक्रम स्थगित कर दिये गये हैं।
इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ट नेता हरिकृष्ण भट, नगर पंचायत गैरसैंण के अध्यक्ष पुष्कर सिंह रावत, मोहन पंत, पूरन सिंह नेगी, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य हरेंद्र कंडारीए पी सी सी के कबिंद्र इष्टवाल तथा पूर्व राज्य मंत्री सुरेंद्र सिंह बिष्ट मौजूद रहे।












