फोटो- जान बचाने को गुफाओं से ग्रामीण महिलाएं ।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। सीमान्त गॉव जुगजू के ऊपर एक बार फिर चटटान कहर बनकर टूटी, ग्रामीणों ने गुफाआंे मंे शरण लेकर जान बचाई।
चिपको की धरती रैणी गॉव के सामने जुगजू गॉव की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही। गॉव के ऊपर से चटटान टूटने के कारण पहले ही ग्रामीणों को प्राथमिक विद्यालय रैणी चक लाता में बनाए गए राहत शिविर में रखा गया है,, ग्रामीण राहत शिविर से ही प्रतिदिन गॉव मे जाकर खेती बाडी व मवेशियो की देखभाल करते थे, बीती सांय को वारीश होने के कुछ गा्रमीण गॉव मे रह गए, लेकिन अचानक रात्रि नौ बजे चटटान टूटने की आवाज सुनाई देते ही वहॉ रूक गए ग्रामीणों ने घरो से भागकर पास की ही गुफाओ मे शरण ली। चटटान टूटने का क्रम मध्य रात्रि करीब 1बजे तक चलता रहा। ग्रामीण सुबह होने तक गुफाओ मे ही रहे।
जुगजू निवासी पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य संग्राम सिंह के अनुसार जुगजू गॉव पर चटटान कहर बरपा रही है, और अब गॉव मे रहना किसी खतरे से खाली नही है, जुगजू के ग्रामीण वर्षो से पुर्नवास की मांग कर रहे है, लेकिन किसी स्तर से कोई सुनवाई नही हो रही है, और ग्रामीणों को अपने हाल पर छोड दिया जाता है। जुगजू के ग्रामीण घरबार, मवेशियो को छोडकर प्राथमिक विद्यालय मे जीवन यापन करने को विवश हो गए है।












