लोहारी। 110वें दिन भी लखवाड-ब्यासी बांध से पूर्ण रुप से प्रभावित एकमात्र राजस्व गांव लोहारी का धरना प्रदर्शन जारी रहा, जिसमें लोहारी के ग्रामीणों द्वारा वर्तमान प्रदेश सरकार तथा उत्तराखण्ड जलविधुत निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपना रोष व्यक्त किया गया।
ऐसा प्रतीत होता है कि वर्तमान राज्य सरकार को किसानों की हितैषी बनने का सिर्फ दिखावा हि करती है मगर वास्तविकता में शासन.प्रशासन के लोगों को लोहारी के किसानों से कोई लेना देना नहीं है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण लोहारी के किसानों का 110 दिनों से लगातार चलने वाला आंदोलन है जिसमें लोहारी की मातृशक्ति, बच्चे, बुजुर्ग तथा युवा शक्ति निरंतर रुप से अपने अधिकारों की लडाई लड रहे हैं।
ये लोहारी के किसानों के साथ बहुत बडा विश्वासघात है की पुर्ववर्ती राज्य सरकार द्वारा 3.जनवरी.2017 को पारित किये गये रेशम फ़ार्म के भुमि आवंटन के प्रस्ताव को वर्तमान राज्य सरकार द्वारा 13.जुलाई.2021 को निरस्त कर दिय गया।वर्तमान राज्य सरकार द्वारा उस प्रस्ताव को निरस्त करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तथा निन्दनीय है जिससे कि लोहारी के किसानों में जबर्दस्त रोष व्याप्त है, ये बहुत हि निराशाजनक है कि जिस सरकार को किसानों के हक.हकूक को उन्हें देना चाहिए था आज वही सरकार किसानों के अधिकारों को कुचलने कार्य कर रही है।
लोहारी के किसानों का कहना है कि यदि राज्य सरकार उनकी समस्याओं का जल्द ही निराकरण नहीं करती है तो समय आने पर आत्मदाह करने से भी पिछे नहीं हटेंगेएजिसकी जिम्मेदारी भी राज्य सरकार एँव शासन.प्रशासन की होगी।
लोहारी के किसानों की माँग है कि राज्य सरकार 3.जनवरी.2017 के मंत्रीमण्डल के रेशम फ़ार्म के प्रस्ताव को पुनः बहाल करे, अन्यथा आंदोलन इसी प्रकार अनवरत जारी रहेगा।
आज धरना स्थल पर श्री सरदार तोमर, मंगल सिंह, दिनेश तोमर, नरेश चौहान, केदार सिंह, संदीप तोमर, कुम्पाल चौहान, रणवीर चौहान, सुखपाल तोमर, संजय चौहान, राजेन्द्र तोमर, जीवन सिंह, गजेन्द्र चौहान, अमित चौहान, रजत तोमर, हिमांशु तोमर, शूरवीर चौहान, टीकम सिंह, रमेश, पूरणचन्द, कल्लू, श्रीमति ब्रहमी देवी, प्रमिला तोमर, चंदा चौहान, गुड्डी तोमर, अमिता तोमर, गुल्लो देवी, उषा तोमर, सुनिता चौहान, रोशनी देवी, शर्मिला तोमर, रेखा चौहान, धनवी तोमर, प्रियल, नथो देवी, चिंकी, अन्जू आदि लोग उपस्थित रहे।









