थराली से हरेंद्र बिष्ट।
विगत 10 वर्षों से देवाल विकासखंड के पूर्व सैनिकों एवं सैनिक विधवाओं को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से खाद्यान्न नही मिलने पर पूर्व सैनिकों एवं सैन्य विधवाओं ने देवाल के पूर्णा गांव में स्थित खाद्यान्न निरीक्षक का घिराव कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा।एफजीआई ने जल्द से जल्द पूर्व सैनिकों एवं सैन्य विधवाओं के राशन कार्ड आॅनलाईन करने के आश्वासन के बाद घिराव समाप्त किया।
सोमवार को देवाल के पूर्व सैनिक एवं सैन्य विधवाएं पूर्व सैनिक एवं वर्तमान में ओड़र के क्षेत्र पंचायत सदस्य पान सिंह गड़िया के नेतृत्व में एफजीआई कार्यालय एवं गोदाम पूर्णा पहुंचे। जहां पर पूर्व सैनिकों ने कहा कि पिछले 10 वर्षों से उनको सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से एपीएल का राशन नही दिया जा रहा हैं। जबकि जवान के तौर पर सेवानिवृत्त हुए पूर्व सैनिकों को 40 हजार रुपए से काफी कम पेंशन मिलती हैं। जबकि नियमानुसार 40 हजार रुपए से अधिक प्रति माह पेंशन एवं वेतन लेने वालों को सरकारी राशन की दुकानों से राशन नही देने का प्राविधान है।
बावजूद इसके देवाल विकासखंड में पूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को राशन नही दिया जा रहा हैं। इसके साथ ही पूर्व सैनिक एवं विधवाओं ने कार्यालय का घिराव शुरू कर दिया। कुछ देर बाद देवाल के खाद्यान्न निरीक्षक ने पूर्व सैनिकों एवं विधवाओं से वार्ता करते हुए कहा कि विकासखंड के सभी पूर्व सैनिकों एवं विधवाओं के राशन कार्ड बनवाने के साथ ही उन्हें आॅनलाईन किए जाने एवं सरकारी राशन की दुकानों से नियमानुसार खाद्यान्न उपलब्ध करवाए जाने के आश्वासन के बाद घिराव समाप्त किया।
इस अवसर पर पूर्व सैनिकों ने उपजिलाधिकारी थराली को संबोधित एक ज्ञापन भी एफजीआई देवाल को सौंपा जिसमें तत्काल पूर्व सैनिकों एवं सैन्य विधवाओं का नए राशनकार्ड बनाने एवं उनको आॅनलाईन किए जाने की मांग की हैं।इस मौके पर पूर्व सैनिक महावीर सिंह गड़िया, खीमानंद नौटियाल, गोपाल सिंह मेहरा, सुजान सिंह गड़िया,दर्वान सिंह मेहरा, इंद्र सिंह गड़िया,मधुली देवी,चंद्रा देवी आदि मौजूद थे।












