गैरसैंण। गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान की ओर से भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर और गैरसैंण रामलीला मैदान में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधान मंत्री लालबहादुर शास्त्री और रामपुर तिराहे में राज्य निर्माण आंदोलन के दौरान 2 अक्टूवर 1994 को रामपुर तिराहे अपनी शहादत देने वाले अमर वीर शहीदों को श्रृद्धांजलि स्वरूप शहीद वंदन व सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
गैरसैंण में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की मूर्ति पर माल्यापर्ण करने के बाद राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के आंदोलनकारियों और चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर सौरभ मेठानी और लोक गायिका शकुन्तला रोतेला ने क्रांति गीतों से लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। विभिन्न संघर्षरत संगठनों के वक्ताओं ने राज्य प्राप्ति के लिए किए गये संघर्षों पर प्रकाश डाला और उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित न किए जाने व गैरसैण के साथ साथ पूरे पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार, पलायन आदि की स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए सरकार की घोर लापरवाही बताई।
कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित हो जाने और शहीदों के कातिलों को सजा दिए जाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। अवसर पर सैनिक शिरोमणी मनोज ध्यानी, राजधानी निर्माण अभियान के प्रदेश संयोजक मदन भंडारी, राज्य निर्माण सैनानी के प्रदेश संयोजक रविंद्र प्रधान, राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के अध्यक्ष नारायण सिंह, भू कानून के संयोजक प्रभात कुमार, दीपिका नियोल देवोचा, एल पी थपलियाल, मधुशूदन थपलियाल, आंगनबाड़ी संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी, भैरव सेना के संदीप खत्री, आंदोलनकारी प्रवीण काशी, उमाकांत भट, अमरजीत सिंह, रविंद्र चौहान, सुशीला तिवारी, जिपंस अवतार पुंडीर, के एस बिष्ट, जिपंस बलवीर रावत, सरोज शाह, राज्य आंदोलनकारी पूरन सिंह, महेश जुयाल, धूमा देवी, जमन सिंह आदि दर्जनों लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नारायण बिष्ट व मदन भंडारी ने किया।











