ज्योतिर्मठ।
सेना के जवानों और गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के सेवादारों ने संयुक्त रूप से गोविंदघाट से श्री हेमकुंट साहिब तक ट्रेक रूट का सर्वेक्षण किया
, रविवार को सर्वेक्षण कर लौटी टीम के अनुसार श्री हेमकुंट साहिब में लगभग पाँच से छह फीट तक बर्फ जमी हुई है। मार्ग में अटलाकोटी ग्लेशियर पॉइंट पर भी काफी बर्फ मौजूद है। लगातार हो रहे हिमपात के कारण पूरा ट्रैक बर्फ से ढक गया है।
श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेन्द्रजीत सिंह बिंद्रा के अनुसार इस वर्ष सेना की टुकड़ी १५ अप्रैल के बाद रवाना होगी, जो यात्रा मार्ग पर जमी बर्फ को हटाने का कार्य करेगी, ताकि कपाट खुलने से पहले रास्ता पूरी तरह सुरक्षित व सुगम हो सके।
श्री हेमकुंट साहिब सिख धर्म का एक अत्यंत पवित्र और प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, जो हिमालय की गोद में स्थित है। यह स्थान अपनी मनमोहक प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी विश्व प्रसिद्ध है। चारों ओर बर्फ से ढके ऊँचे शिखर, नीले पानी का पवित्र सरोवर, घने जंगल और अलौकिक शांति इस जगह को स्वर्ग से कम नहीं बनाती। यात्रियों को यहाँ प्रकृति की अद्भुत छटा के साथ-साथ आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है। यहाँ स्थित लक्ष्मण मंदिर-लोकपाल तीर्थ का भी विशेष पौराणिक महत्व है।
श्री हेमकुंट साहिब यात्रा इस वर्ष २३ मई से शुरू हो रही है, पहला जथा २० मई २०२६ को ऋषिकेश से रवाना किया जाएगा।
गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट और भारतीय सेना के अधिकारियों ने बताया कि यात्रा को सुगम, सुरक्षित और निर्विघ्न बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ की जा रही हैं। दोनों पक्षों के बीच बेहतर समन्वय से यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।












