जोशीमठ : भू धंसाव प्रभावित जोशीमठ के व्यवसायियों ने सरकार द्वारा जारी पुनर्वास नीति पर आपत्ति दर्ज करते हुए प्रभावित व्यवसायियों को क्षतिपूर्ति लागत का शत प्रतिशत मुवावजा दिए जाने की मांग की है।
सोमवार को होटल एशोसिएसन के अध्यक्ष राकेश रंजन भिलिंगवाल की अध्यक्षता मे एशोसिएसन एवं ब्यापार संघ की सयुंक्त बैठक में उत्तराखंड सरकार द्वारा जारी की गई पुनर्वास नीति का बारीकी से अध्ययन करते हुए कहा कि यह पुनर्वास नीति व्यवसायियों के हितों पर कुठाराघात है। सरकार को इस पर पुनर्विचार करते हुए व्यावसायिक स्लैब को पूरी तरह हटाते हुए शतप्रतिशत मुवावजा दिया जाना चाहिए।
बैठक के उपरांत एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया जिसमें कहा गया है कि जोशीमठ के स्थानीय व्यवसायी जोशीमठ व आसपास के युवा बेरोजगारों को रोजगार प्रदान कर सीमान्त क्षेत्र से पलायन रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान में भू धंसाव के कारण कई व्यवसायी न सिर्फ स्वयं का प्रतिष्ठान खो चुके है बल्कि कई अन्य प्रतिष्ठानों पर भी भू धंसाव का खतरा मंडरा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार द्वारा घोषित पुनर्वास स्लैब इतना कम है कि भविष्य मे व्यवसायी अपने रोजगार की नई शुरुवात करने की सोच भी नहीं सकते।
ज्ञापन में आपदा प्रभावित व्यवसायियों को राहत प्रदान करने के लिए ठोस नीति बनाने एवं भूमि के मुआवजे की दर पर भी जल्द निर्णय लिए जाने की मांग की गई है।ज्ञापन देने वालों में एशोसिएसन के अध्यक्ष राकेश रंजन भिलिंगवाल के अलावा ब्यापार संघ अध्यक्ष नैन सिंह भण्डारी, महामंत्री जेपी भट्ट,श्री बद्रीनाथ धाम के पूर्व धर्माधिकारी भुवन चन्द्र उनियाल,सूरज कपरुवाण,ठाकुर सिंह राणा,वेदप्रकाश सती, मनोज जैन, दिनेश जैन आदि प्रमुख है।