दिवाली की रात जब समस्त क्षेत्रवासी पटाखे चलाकर दीपावली मना रहे थे,आपसी रंजिश के चलते जो टेंट हाउस जलाने की तहरीर पुलिस को दी गई थी। इस मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद कार्यवाही आगे बढ़ाते हुए टेंट हाउस मालिक सतीश वर्मा समेत ग्यारह परिजनों पर मुकदमा दर्ज किया है। जिसमें सूत्रों के अनुसार ये खुलासा हुआ है, कि पुरानी रंजिश के चलते वर्मा परिवार अपने पड़ोसी को लंबे समय से परेशान करते चले आ रहा था। आये दिन झगड़ा, घर के सामने शराब पीना, गाली गलोज करना और झूठे मुकदमे में फंसाने और सोशल मीडिया व समाचार के माध्यम से बदनाम करने की धमकी दिया करता था। पुलिस अभी सारे मामले को आपसी रंजिश के तौर पर देख रही है।
पुलिस ने कार्यवाही को बढ़ाते हुए टेंट हाउस मालिक व उसके अन्य 10 परिजनों पर नामजद मुकदमा दर्ज करते हुए धारा 452, 147, 323, 504, 506, 427 में सतीश वर्मा, संजय वर्मा पुत्रगण स्व० तारा चंद, नितिन वर्मा, शैली वर्मा, सन्नो वर्मा पुत्र व पुत्रीगण तेलु राम, नितेश वर्मा, निधि वर्मा, नेहा वर्मा, पुत्र व पुत्रीगण, सतीश वर्मा, तेलु राम पुत्र स्व चमेल सिंह निवासीगण ग्राम पौंधा वा अन्य पर अभियोग पंजीकृत कर लिया है।
सूत्रों के अनुसार सतीश वर्मा जो कि पूर्व प्रधान है, अपने कार्यकाल में भी मनरेगा स्कीम घोटाला के आरोपी हैं,ं जिसकी शिकायत उनके पड़ोसी द्वारा की गई थी। इससे साफ जाहिर होता है कि दिवाली की रात जब समस्त क्षेत्रवासी पटाखे जला रहे तो सभी आरोपियों ने पहले अपने पड़ोसी के घर में घुस कर उसके व उसके वृद्ध माता पिता के साथ मारपीट व गली गलोज की, उसके बाद मौके का फायदा उठाते उक्त वर्मा परिवार ने साजिशन इस सारे कांड को अंजाम देकर अपने पड़ोसी को फंसाने की कोशिश की, जिसकी पुष्टि शिकायतकर्ता के किरायदार ने भी की है।
पुलिस पूरे मामले की विवेचना कर रही है। न्यायालय का फैसले से ही सच सामने आएगा। खबर लिखे जाने तक पुलिस अपनी जांच जारी है।











