कमल बिष्ट/उत्तराखण्ड समाचार।
कोटद्वार। क्रान्तिकारी पत्रकार अमर लोकतंत्र सेनानी नरेन्द्र उनियाल की 75 वीं जयंती के अवसर पर कोटद्वार बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नरेन्द्र उनियाल के कृतित्व एवं व्यक्तित्व को याद करते हुए उन्हें सादर श्रद्धांजलि दी गयी।
इस अवसर पर उन्हें याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि, उन्होंने अपने साहस और प्रतिबद्धता से जनपक्षीय पत्रकारिता की परंपरा को मजबूत किया तथा नरेंद्र उनियाल उन पत्रकारों में थे, जिनके लिए पत्रकारिता केवल खबर लिखने का माध्यम नहीं थी, बल्कि समाज के संघर्षों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का दायित्व थी। उनके संपादन में प्रकाशित समाचार पत्र धधकता पहाड़ अपने समय में जनपक्षीय और निर्भीक पत्रकारिता का प्रतीक बन गया था।
पहाड़ के सामाजिक-आर्थिकी के सवाल, आम लोगों की पीड़ा और क्षेत्रीय असमानताओं के मुद्दे इस अखबार के माध्यम से प्रभावी ढंग से उजागर किया जाता था। यही कारण रहा कि आपातकालीन समय तत्कालीन सरकार की आंख की किरकीरी रहे वे 19 माह तक जेल में रहे। इस अवसर पर कोटद्वार विकास का रोड़मैप के लिए एक दृष्टि पत्र भी जारी किया गया। दृष्टि पत्र में अनेक सवाल उठाये गये हैं। इस दृष्टि पत्र में कोटद्वार विकास को अवरूद्ध करने के लिए राज्य में गठित होने वाली सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए समाधान भी सुझाये गये हैं। दृष्टि पत्र में कहा गया है कि, राज्य सरकारों ने स्थानीय जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है।
कार्यक्रम संयोजक नागेन्द्र उनियाल ने बताया कि कोटद्वार मेडिकल कॉलेज को केन्द्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल के तहत् बनाया जा सकता है। कंडी रोड़ का हिस्सा लालढांग- चिलरखाल वाले 11 किलोमीटर वाले हिस्से को वन विभाग से लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया जाना चाहिए। इसके लिए राज्य सरकार की इच्छा शक्ति ही काफी है। सत्य प्रकाश थपलियाल की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में महेन्द्र सिंह रावत, वरिष्ठ पत्रकार सूरज कुकरेती, डॉ० शक्ति शैल कपरवाण, शिव प्रकाश कुकरेती, राजीव गौड़, मुजीब नैथानी, चित्रमणी देवलियाल, विकास आर्य आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर अनेक राज्य आंदोलनकारियों को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले राज्य आंदोलनकारी महेन्द्र सिंह रावत, भगवती प्रसाद कंडवाल, अशोक कंडारी, पंकज डबराल, पंकज उनियाल, प्रकाश बमराड़ा, संजू कश्यप, अभिमन्यु सिंह रावत, विजय पाल सिंह, विनोद अग्रवाल, राजीव गौड़, राजेन्द्र सिंह नेगी, दलबीर सिंह, हरीश बहुखंडी, इकरामुद्दीन, रमेश चन्द्र, दिनेश धूलिया मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन टूरिस्ट संदेश के संपादक सुभाष चन्द्र नौटियाल ने किया।












