कमल बिष्ट/उत्तराखण्ड समाचार।
कोटद्वार गढ़वाल। हल्दी हाथ वैडिंग प्वाइंट, दुर्गापुर, कोटद्वार पौड़ी गढ़वाल में पक्षी परिवार उत्तराखण्ड द्वारा जय देव भूमि फाउण्डेशन के सहयोग से पक्षियों की प्रजातियों को बचाने हेतु विश्व गौरेया दिवस मनाया गया। जिसमें क्षेत्र के कई पक्षी प्रेमियों ने अपनी भागीदारी निभायी। इस अवसर पर 29 वर्षों से गौरिया व अन्य पक्षियों को बचाने हेतु प्रयासरत शिक्षक दिनेश चन्द्र कुकरेती ने पक्षियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पक्षी हमारे लिये किस प्रकार लाभदायक हैं उन्होंने पक्षियों के प्रकार, जातियाँ, आवास, घोसले मौसम के अनुसार आगमन, कमी का कारण एवं पक्षियों की ध्वनियों का मानव जीवन में सकारात्मक प्रभाव को विस्तार पूर्वक बताया कि पक्षियों की प्रजातियों को बचाने हेतु हम सभी को कार्य करना होगा व पर्यावरण का प्रत्येक घटक में सुधार करना होगा।
क्योंकि पक्षियों की संख्या स्वच्छ पर्यावरण का सूचक है। पक्षियों की संख्या में 20 प्रतिशत से 98 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी है। गौरेया की संख्या-98 से 2010 भारी कमी दर्ज की गयी और 2012 से 2022 तक वृद्धि दर्ज की गयी और 2023 से 26 तक थोड़ी कमी दर्ज की गयी। इस अवसर पर शिक्षक ने घर में एवं गौरेया दिवस पर एक हजार से अधिक नेस्ट बॉक्स निःशुल्क बांटे गये । शिक्षक दिनेश चन्द्र कुकरेती अब तक 28 हजार से अधिक नेस्ट ब्रॉक्स निःशुल्क बांट चुके हैं। इस अवसर पर चन्द्र मोहन कुकरेती ने बर्ड थैरेपी हमारे लिये किस प्रकार लाभदायक है। उन्होंने बताया इन घोंसलों का उपयोग हम किस प्रकार कर सकते हैं। पूर्व रेंजर राजेन्द्र प्रसाद पंत ने वनों में लगातार आग पक्षियों के लिये सबसे बड़ा संकट बताया। वनों को आग से बचाने के लिये हम सभी का कार्य करना होगा। पूर्व ब्लॉक प्रमुख गीता नेगी ने पक्षियों और मनुष्यों के आपसी सम्बन्ध के बारे में बताया। जबकि रंजना रावत ने नदियों का प्रदूषित होना, पक्षियों की संख्या में कमी का कारण बताया। रोहित डंडरियाल ने सभी को पक्षियों को बचाने हेतु कार्य करने पर जोर दिया। योगम्बर सिंह रावत ने कहा कि अपने घर को हम पर्यावरण के अनुकूल बनाकर कुछ पक्षियों का संरक्षण भी कर सकते हैं। पूर्व शिक्षक बलबीर सिंह रावत ने शिक्षक दिनेश चन्द्र कुकरेती के कई वर्षों से पक्षियों को बचाने हेतु इस कार्य की प्रशंसा की। देहरादून से आये समाज सेवी विजय जुयाल ने श्री कुकरेती का पक्षी बचाओ अभियान पूरे प्रदेश भर में चलाने की आवश्यकता है। रमेश भण्डारी ने कई पक्षियों के विलुप्त होने पर चिन्ता व्यक्त की। पूर्व सैनिक महेन्द्रपाल सिंह रावत ने सभी को अपने घर में दो-दो नेस्ट बॉक्स गौरेया पक्षी हेतु लगाने पर बल दिया। मीना अधिकारी ने पहाड़ों में पक्षियों की संख्या में कमी के कारण को विस्तापूर्वक बताया। हरी सिंह पुण्डीर ने अधिक कीटनाशक के प्रयोग पर गहरी चिन्ता व्यक्त की। गोविन्द डंडरियाल ने बन्दरों द्वारा पक्षियों के घोसले को नुकसान पहुंचाने व इसका निराकरण लिये कहा। मंच संचालन शिक्षक धनपाल सिंह द्वारा किया गया। जो लगातार शिक्षक दिनेश चन्द्र कुकरेती के कार्यों के बारे में विस्तार पूर्वक बताते रहे हैं। इस अवसर पर जयदेव भूमि फाण्डेशन एवं कुमाउनी समाजिक, सांस्कृक्तिक, मैत्री समिति कोटद्वार ने शिक्षक दिनेश चन्द्र कुकरेती को सम्मानित किया। इस अवसर पर सभी पक्षी प्रेमियों ने पक्षी परिवार उत्तराखण्ड के साथ पक्षी परिवार बनकर प्रक्षियों की प्रजातियों को बचाने के लिए संकल्प लिया। इस अवसर पर विकास देवरानी, शिवा नन्द लखेड़ा, चित्रमणी देवलियाल, विरेन्द्र सिंह, धर्मवीर सिंह नेगी, इन्दु नौटियाल, गायत्री देवी, गजपाल सिंह नेगी, अमित राज सिंह, राम कण्डवाल, सम्पत्ति देवी, कुलदीप सिंह, सम्भव अधिकारी, सीमा कण्डारी सहित कई पक्षी परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।











