डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। मौसम के अचानक करवट बदलने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बीते मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक क्षेत्र में रुक-रुक कर रिमझिम बारिश होती रही। हालांकि, बुधवार दोपहर बाद मौसम साफ हो गया और धूप खिल उठी, लेकिन अप्रैल की इस बेमौसम बारिश ने फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ा दी है। आपको बता दे कि इस समय डोईवाला और आसपास के क्षेत्रों में गेहूं की कटाई शुरू हो चुकी है। ऐसे में बारिश होने से कटे हुए गेहूं के खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। जानकारी के अनुसार, डोईवाला ब्लॉक में लगभग 1400 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की जाती है। स्थानीय किसान दरपान बोरा और दलजीत सिंह ने बताया कि गेहूं की कटाई शुरू हो गई है, लेकिन तेज हवा और बारिश से फसल को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कटे हुए गेहूं का दाना काला पड़ने और खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। किसान बलबीर सिंह ने कहा कि यदि मौसम इसी तरह बना रहा, तो किसानों की चिंता और बढ़ सकती है। किसानों का कहना है कि जंगली जानवरों, पक्षियों और बारिश के कारण गेहूं की फसल को नुकसान होता है, लेकिन मिलने वाला मुआवजा नगण्य है। उन्होंने मुआवजा बढ़ाने की मांग की है और सरकार से आग्रह किया है कि स्थलीय निरीक्षण कर नष्ट हुई फसल का सही मुआवजा दिया जाए। कृषि विशेषज्ञ डीएस असवाल के अनुसार, बेमौसम बारिश फसलों के लिए हानिकारक होती है। तेज बारिश, ओलावृष्टि और हवाओं के कारण फसल तथा पेड़ों पर आए बौर गिर जाते हैं। इसके अलावा नमी बढ़ने से कीट व रोग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे फसल खराब हो सकती है।












