थराली से हरेंद्र बिष्ट।
अभी तो ग्रीष्मकाल ही चल रहा है। वर्षाकाल शुरू होने में तकरीबन एक माह का समय शेष बचा हुआ है, दो दिनों तक बारिश जरूर हुई किन्तु इस बारिश से ना सड़कें अवरूद्ध हुए, ना पानी की लाइनें टूटी और ना कोई पैदल रास्ते बंद हुए, बंद हुई तो केवल क्षेत्र की बिजली। दो दिन की रिमझिम बारिश ने मौसम को भले ही सर्द बना दिया हो किंतु इस बारिश ने विद्युत ऊर्जा निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के इस कदर पशीने छुड़वा दिए कि अब अधिकारियों ने आम जनता की तो छोड़िए जन प्रतिनिधियों तक के फोन उठाने बंद कर दिए। रही बात बिजली की तो पूरे 47 घंटे से अधिक का समय गुजर जाने के बाद भी थराली एवं देवाल विकासखंडों में बिजलीआने का नाम ही नही ले रही हैं।
दरअसल बुधवार की सुबह करीब 10 बजे नारायणबगड़ से थराली के लिए आने वाली 33 केवी बिजली लाईन थराली के पास झुड़कधार नामक स्थान पर एक पेड़ टूटने के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी। ऊर्जा निगम के द्वारा बुधवार को बिजली बहाली का आश्वासन देते रहे किंतु बिजली बहाल नही हो सकी। इसके बाद गुरुवार को पूरे दिन बिजली विभाग के अधिकारी जल्द लाईन ठीक कर बिजली बहाली का आश्वासन देते रही और समय के गुजरने के बाद अधिकारियों ने फोन उठाना बंद कर दिया। 45 घंटों से अधिक का समय गुजर जाने के बाद भी अब तक थराली एवं देवाल विकासखंडों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से ठप पड़ी हुई हैं।छात्र छात्राओं के साथ ही आनलाईन काम करने वाले लोग अपने मोबाइल सहित अन्य संसाधनों को चार्ज करने के लिए दर दर भटक रहे हैं। जिससे लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ खासा गुस्सा बना हुआ है। अब लोग कहने लगे हैं कि हल्की बारिश में बिजली लाईन के यें हाल हैं तो बरसात में भारी बारिश एवं आपदा आने पर इन जीणशीर्ण लाईनों के क्या हाल होगे अनुमान लगाया जा सकता हैं। न्यूनतम बिजली का बिल वसूलने वाला ऊर्जा निगम उपभोक्ताओं को न्यूनतम सुविधा देने में पिंडर घाटी में पूरी तरह से असफल साबित हो रहा हैं।
इधर देवाल के ब्लाक प्रमुख दर्शन दानू ने भी 45 घंटों से अधिक समय तक थराली एवं देवाल ब्लाकों के अंधेरे में रहने पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब सरकार प्रति वर्ष 33 केवी के साथ ही एसटी एवं एलटी बिजली लाइनों के रखरखाव, लाफिंग के लिए निगम को मौटी धनराशि देता आ रहा हैं तो भी एक लाख से अधिक की पिंडर घाटी की जनता को बिजली सुविधा मुहैया कराने वाली कर्णप्रयाग.नारायणबगड़.थराली.देवाल 33 केवी बिजली लाईन में आये दिन आने वाले फाल्टों को लेकर संदेह उत्पन्न होने लगा हैं। उन्होंने इस मामले को उच्च स्तर पर उठाने की बात करते हुए रखरखाव के लिए जारी होने वाली धनराशि का खुलासा आम जनता के सामने करने की बात की हैं।











