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01- बर्फ से लबालब औली का दीदार करने पंहुच रहे हजारों पर्यटक।
02– औली मे चियर लिफ्ट का अंानद उठाते पर्यटक ।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। औली में बर्फ का दीदार करने पहुच रहे हंै हजारों पर्यटक। जोशीमठ-औली रोड आठ दिनों के बाद भी पर्यटक वाहनों की आवाजाही के लिए मुफीद नहीं हो सका है। रोप-वे ही एक मात्र सहारा रह गया है औली पंहुचने को। प्रशासन द्वारा तीन डोजरो की मदद से औली रोड को सुचारू करने का कार्य युद्धस्तर पर किया गया फिलहाल सेना व आईटीबीपी के चैन लगे वाहन ही आवाजाही कर पा रहे थे अब अन्य वाहन भी आवागमन कर सकेगे। औली मे पाॅच जनवरी तक की बुकिंग फुल हो चुकी है। रोप-वे परियोजना ने दस-दस घंटे जनरेटर चलाकर पर्यटको को औली पंहुचाने का कार्य किया।
कई वर्षो के अंतराल के बाद दिसबर मास के दूसरे सप्ताह मे ही बेहताशा बर्फबारी होने से जहाॅ प्रकृति के चितेरे पर्यटको की मौज हो गई वही अचानक हुई बर्फबारी से सीमांत क्षेत्र की दुश्विारियाॅ भी बढ गई। एक सप्ताह बाद निचले इलाकों मे विद्युत आपूर्ति सुचारू तो हुई लेकिन औली व अन्य ऊॅचाई वाले क्षेत्रों मे अभी भी विद्युत आपूर्ति सुचारू नही हो सकी है। जिसमे अभी और समय लगने के आसार है।
इधर औली मे 12 व 13दिसबंर को हुई बर्फबारी के बाद से पर्यटको का हुजूम उमड पडा है। रोप-वे की बुकिंग फुल हो जाने पर पर्यटक पैदल ही औली का रूख कर रहे है। कई पर्यटक तो टीवी टावर व आस-पास के क्षेत्रों मे ही बर्फ से खेलते हुए वापस भी लौट जा रहे है। बर्फबारी का आलम यह है कि जोशीमठ-औली 13 किमी सडक बर्फ से पटी हुई है। वनाच्छादित क्षेत्र होने के कारण सडक से बर्फ हटाने मे भारी मशक्कत करनी पड रही है। प्रशासन की ओर से बर्फ हटाने के लिए डोजर लगाए गए है। लेकिन अभी भी सडक पूर्ण रूप से नही खुल सकी है।
जोशीमठ के एसडीएम अनिल कुमार चन्याल के अनुसार जोशीमठ-औली सडक मार्ग को खोलने के लिए दो डोजर जोशीमठ की ओर से लगाए गए है। जबकि सेना की ओर से एक डोजर औली से नीचे की ओर बर्फ हटाने पर लगाया गया। उन्होने बताया कि सडक से बर्फ हटाने के बाद पाला न जमे इसके लिए चूना व नमक की पर्याप्त ब्यवस्था की गई है।
औली मे शानदार बर्फबारी के बाद यूॅ तो 12दिसबंर से ही पर्यटको का आवागमन शुरू हो गया था। लेकिन अब न्यू ईयर से पूर्व ही औली की आगामी 5जनवरी तक के लिए आनॅ लाइन बुकिंग फुल हो चुकी है।
जीएमवीएन औली कैंपस के बरिष्ठ प्रबंधक नीरज उनियाल के अनुसार बुकिंग तो पाॅच जनवरी तक के लिए फुल हो चुकी है। लेकिन 12दिसबंर से विना विद्युत के अनेक कठनाईयों का सामना करना पड रहा । जनरेटर के लिए डीजल का स्टाक भी समाप्त हो गया है। और सडक सुचारू नही होने के कारण डीजल औली पंहुचाना भी मुश्किल हो रहा है। जीएमवीएन द्वारा संचालित रज्जु मार्ग परियोजना के प्रबंधक संचालन इंजीनियर दिनेश भटट के अनुसार उन्होने पर्यटको की सुविधार्थ लगातार जनरेटर सेट चलाकर रोप वे के साथ ही औली मे स्थापित चियरलिफ्ट का निरंतर संचालन किया।
फिलहाल आठ दिनो के बाद जोशीमठ-औली रोड को तो खोल दिया गया लेकिन अब विद्युत ब्यवस्था कब तक ठीक हो सकेगी इस पर संपर्क करने पर उत्तराख्ंाड ऊर्जा निगम के ईई कैलाश कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह से औली की विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कार्य किया जाएगा। वहाॅ मरम्मत के लिए जिस प्रकार की सामग्री की आवश्यकता है उसे चमोली से भेजा जा रहा है।