फोटो- बदरीनाथ मे हुए ताजे हिमपात का दृष्य।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। बदरीनाथ सहित उच्च हिमालयी क्षेत्रांे मे मौसम के पहले हिमपात के बाद निचले इलाकों मे भी कडाके की ठंड शुरू हो गई है। दूसरे दिन भी बदरीनाथ का मौसम ठंडक भरा रहां मंदिर के स्वच्छता कर्मी बर्फ हटाने के काम मे जुटे रहे।
इस बार बर्फबारी ने समय से पहले ही दस्तक दे दी है। बदरीनाथ के कपाट बंद होने मे अभी नौ दिन शेष है। और बदरीनाथ धाम ने बर्फ की चादर ओढ ली हैै। बीते रोज हुई बर्फबारी के बाद शुक्रवार को भी बदरीनाथ को मौसम बेहद ठंडक भरा रहा। मौसम पूरी तरह से बदला हुआ है। और देर सांय व रात्रि तक पुन बर्फबारी के आसार बने हुए है। बर्फबारी के बाद कडाके की ठंड के वावजूद मंदिर कर्मचारी व पूजा स्टाफ पूरी तन्मयता के साथ अपने कार्यो मे जुटे हैं। मंदिर के स्वच्छता कर्मी पूरे मंदिर परिसर, सिंहद्वार , तप्तकुंड व आस-पाास के क्षेत्रों व सीढियो से बर्फ हटाते रहे। ताकि बदरीनाथ पंहुचने वाले श्रद्धालुओ को कोई दिक्कत न हो।
बदरी-केदार मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह के अनुसार मंदिर समिति ने तीर्थयात्रियों की सुविधार्थ अलावा की ब्यवस्था की है। मंदिर परिसर व आस-पास के क्षेत्रो मे अलाव जलाने के लिए 25कुंतल लकडी का अलग से प्रावधान किया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों व श्री रावल व पूजा से जुडे कर्मियों के लिए कोयलो की ब्यवस्था की गई है।
बदरीनाथ के साथ ही गौरसों बुग्याल, औली व नीती माणा घाटियों के साथ अनेक पर्वतश्रृंखलाओ ने बर्फ की सफेद चादर ओढ ली है। उच्च हिमालयी क्षेत्रों मे हुए ताजे हिमपात के बाद निचले इलाको मे भी कडाके की ठंड शुरू हो गई है। लोग जैकेट व टोपी पहनकर ही घरो से बाहर निकल रहे है।











