थराली से हरेंद्र बिष्ट।
पिछले 18 घंटों से अधिक समय से जारी मूसलाधार बारिश के पिंडर नदी के किनारे बसे थराली नगर क्षेत्र के अधिकांश व्यापारियों ने अपने परिवारों के साथ दुकानों में रखें कीमती सामानों को समेट कर सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया हैं। नदी के किनारे बसे लोगो के चेहरों के सामने आज से ठीक 8 साल पहले पिंडर नदी में आये जलसैलाब का मंजर घूमने लगा हैं। जिसके कारण सभी सहमें हुए हैं।
2013 में 15 से 18 जून के दौरान पिंडर नदी में एक तरह का जलसैलाब आया था। जिसने चमोली जिले के अंतिम गांव हरमल एवं घेस-हिमनी से लेकर अलकनंदा एवं पिंडर नदी के संगम स्थल कर्णप्रयाग तक भारी तबाही मचाई थी।इस जलजले ने पिंडर नदी पर बने 80 प्रतिशत से अधिक झूला पुलों नदी के तेज बहाव में बह गयें थे।
इसके साथ ही मोटर पुलों को भी खाशा नुकसान पहुंचाया था।इस दौरान नदी ने अपने दोनों छोरों पर दशकों से रहरहे लोगों के बड़े-बड़े घरों, दुकानों,कृषि भूमि आदि को अपने आगोश में समेट लिया था।नदी के किनारे बनी कई किमी मोटर सड़कें भी उस दौरान नदी में समा गई थी। हालांकि गनीमत रही 16 जून से ही पिंडर का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा था जिसके चलते नदी किनारे लोग अपने घरों में सब कुछ छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए थे जिससे जन हानी नही हो पाई थी। किंतु करोड़ों की व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक सम्पत्तियों के नुक़सान को नही बचाया जा सका था।
इस आपदा के ठीक 8 वर्ष बाद एक बार फिर से पिछले 18 घंटों से अधिक समय से पिंडर घाटी में घाटी क्षेत्रों के साथ ही बुग्यालों में हो रही मूसलाधार बारिश से एकाएक पिंडर नदी का पानी 2013 की तरह ही तेजी के साथ बढ़ रहा हैं। बताया जा रहा हैं कि पिंडर नदी खतरे के निशान को छूने से 2 मीटर से भी कम रह गई हैं। जबकि बारिश हैं कि अब भी रूकने का नाम नही लें रही हैं।
2013 की आपदा में सब कुछ गंवा चुके थराली नगर पंचायत के व्यापारियों ने पिछले 8 वर्ष में कड़ी मेहनत कर जैसे तैसे अपने व्यापारिक प्रतिष्ठानों को एक बार फिर से खड़े कर लिए हैं। परंतु तेजी के साथ पिंडर नदी में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए उनके सामने 8 वर्ष पुराना पिंडर का मंजर घूमने लगा हैं। जिसके बाद शुक्रवार को दोपहर बाद नदी के किनारे रह रहे तमाम परिवारों ने अपने परिजनों को सुरक्षित स्थानों पर रखने के साथ ही नगर के व्यापारियों ने अपने दुकानों से कीमती सामानों को सुरक्षित स्थानों पर रखना शुरू कर दिया हैं। लोगों में पिंडर नदी को लेकर लगातार खोफ बढ़ता ही जा रहा हैं।नदी के तेजी के साथ बढ़ते जलस्तर के कारण प्रशासन भी खासा सतर्क हो गया हैं।











