फोटो- जीएसटी की समस्याओं को लेकर एसडीएम कुमकुम जोशी को ज्ञापन सौंपते व्यापारी नेता ।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। जीएसटी से व्यापारियों को हो रही समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर केन्द्रीय वित्त मंत्री को ज्ञापन भेजा।
एसडीएम जोशीमठ के माध्यम से भेजे गए इस ज्ञापन मे कहा गया है कि जीएसटी नियमावली मे ब्यापाक संसोधन के चलते वर्तमान समय मे ब्यापार करना बेहद कठिन हो गया है। ब्यापारी जीएसटी नियमावली से खासे परेशान है।
ज्ञापन मे एमनेस्टी स्कीम को तुरन्त लागू करते हुए पचास लाख तक की विक्री पर ब्यापारी को आउटपुट टैक्स का एक प्रतिशत ही जमा कराने की संस्तुति दिए जाने,कर की दर जीरों प्रतिशत, पाॅच प्रतिशत व 18प्रतिशत किए जाने,रिवाइज्ड रिटर्न का प्रावधान समाप्त किए जाने,जीएसटी मे सजा का प्रावधान समाप्त किए जाने,गलत राशि भरे जाने पर रिफण्ड समायोजन का प्रावधान लागू करने,काॅमन सर्विसेज पर दिए गए जीएसटी का इनपुट दिए जाने,सीमित क्षेत्र मे विकने वाले ब्राण्ड को शून्य जीएसटी की श्रेणी मे रखे जाने,जीएसटी रिटर्न फाइल करते समर्य अंन्तराज्यीय विक्री की जानकारी ना मांगे जाने,अग्रिम प्राप्त रकम पर जीएसटी जमा कराने का प्रावधान समाप्त किए जाने, तथा विलवाइज स्टाॅका का विवरण नहीं लिए जाने के साथ ही स्क्रूटनी का प्रावधान समाप्त किए जाने की मांग की गइ्र्र है।
इसी ज्ञापन मे प्रदेश सरकार द्वारा पारित जिला विकास प्राधिकरण को पर्वतीय जनपदो मे पूूरी तरह समाप्त किए जाने की भी मांग की गई है।
ज्ञापन पर प्रांन्तीय उद्योग ब्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष माधव प्रसाद सेमवाल, ब्यापार संघ जोशीमठ के अध्यक्ष नैन सिंह भंडारी,सचिव जय प्रकाश भटट, कोषाध्यक्ष कन्हैया लाल साह,पालिका सभासद अमित सती, सुरेन्द्र दीक्षित,व संजय साह, प्रवीण रावत व सुनीत सिंह आदि के हस्ताक्षर है।











