• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

हिमाचल जो 50 साल में नहीं कर पाया उत्तराखंड बीस साल में उससे दोगुना कर गया

11/03/21
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
616
SHARES
770
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

आज की कहानी सत्य पर आधारित
आज सुबह हिमाचल प्रदेश से मेरे एक अजीज पुराने मित्र का फोन कॉल आया हालचाल पूछने के बाद बात थोड़ी लंबी हो गई। वो हिमाचल प्रदेश की बागवानी से लेकर वहां के टूरिज्म तक वहाँ के विकास के बारे में चर्चा करता रहा। पड़ोसी प्रदेश के होने के नाथे हमारी माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड के एक सरकारी विद्यालय में साथ.साथ हुई। ये दौर 1998 से 2004 तक का है। जब उत्तराखंड उत्तर प्रदेश का हिस्सा था, बाद में नया प्रदेश बन गया था।

उस दौरान हमारा तीज त्यौहारों में अक्सर हिमाचल आना जाना होता रहता था। साथ ही हमारी दोनों प्रदेशों के विकास को लेकर बहस होती रहती थी। हम में अपने-अपने प्रदेश को बेहतर साबित करने की होड़ रहती थी। वो अपने प्रदेश को बेहतर बताते और हम अपने प्रदेश को। उनको हमेशा अपने प्रदेश की राजधानी शिमला, कुल्लू मनाली आदि जगह के टूरिज्म एवं सम्पदाओं पर गर्व होता। वहीं हम भी अपने प्रदेश में नैनीताल, मसूरी, कौसानी आदि एवम चार धाम को लेकर अपने प्रदेश को हिमाचल से बेहतर बताने का प्रयास करते। आखिर में हम हिमाचल जहां वो निवास करते थे, वहाँ इंटर कॉलेज न होने के कारण देकर अपने उन साथियों को बहस में हराने में सफल हो जाते और कहते कि देखो इंटर कॉलेज की पढ़ाई तो आपने आखिर हमारे यहाँ की करनी है। ऐसे तंज मारकर आखिर हम उनसे हार मनवा ही लेते थे, लेकिन आपसी भाई चारा और प्रेम भाव हमेशा बना रहता था। ये ही कारण है कि आज भी हमारी बात अक्सर होती रहती है।

आज ये पुरानी कहानी इसलिए मत्वपूर्ण हो जाती है कि जब सुबह हमारे उस मित्र का फ़ोन आता है तो मैने उससे घर परिवार के हालचाल पूछने के बाद आदतन पड़ोसी प्रदेश के विकास पर चर्चा आरम्भ हो गई। चर्चा थोड़ी लंबी चली। अब पुराने साथी पुराना स्कूल अगर चर्चा न हो तो फिर चर्चा व्यर्थ हो जाती है। उसने प्रश्न किया कि यार हमारा वो स्कूल अब कैसा है।
मैने उत्तर दिया कि यार वैसे तो ठीक है, लेकिन बंद होने के कगार पर जल्द आने वाला है। यहाँ तो सरकारी स्कूलों की हालत बहुत खराब है। आप बताओ वहाँ किया चल रहा है। तो उसने मुझको उत्तर दिया!हो सकता है कि वो मुझको तंज भी कस रहा होगा या मेरा बहम हो, लेकिन जब उसने कहा कि जहां 20 वर्ष पहले जहाँ हमारा हाई स्कूल नहीं था, वहाँ आसपास आज इंटर कालेज के साथ साथ आज डिग्री कॉलेज चल रहा है। तो मैंने मन ही मन वहाँ की सरकार के प्रगतिशील कार्यों को सुनकर सरकार के प्रति आदर भाव तो बढ़ गया, लेकिन साथ में अपना भी ईगो आड़े आ रहा था कि ये तो आज मुझ पर भारी पढ़ रहा है। जिस विषय को लेकर मैं अक्सर उसको छेड़ता रहता था आज वो उस विषय को फक्र से सुना रहा था और मैं शर्म से पानी पानी हो रहा था।
लेकिन हमने भी कभी जिन्दगी में हार मानना नही सीखा। अब फिर से पहले की तरह प्रश्न और उत्तर का दौर हम दोनों के बीच शुरू हो गया। मुझको भी लगाने लगा था कि अब मेरे आँकडे मित्र के सामने कमजोर पड़ने वाले हैं, तो मैने फिर उनसे प्रश्न किया कि.
हिमाचल प्रदेश की स्थापना दिवस कब था ?
उत्तर मिला 25 जनवरी 1971
दुसरा प्रश्न किया कि तुम अपने प्रदेश के सभी मुख्यमंत्रियों के नाम बताओ
उत्तर आया
1.यशवंत सिंह परमार
2.ठाकुर राम लाल
3.शांता कुमार
4.बीर भद्र
5.प्रेम कुमार धूमल
6.जय राम ठाकुर

फिर मैंने उसको मुस्कराते हुए बोला कि बस इतने ही। अगर आप तरक्की की बात करते हो तो सुनो कि उत्तराखंड राज्य की स्थापना 9 नवम्बर 2000 ई0 में हुई और हमने अभी तक यहाँ.
1.नित्यानंद स्वामी
2.भगत सिंह कोश्यारी
3.नारायण दत्त तिवारी
4.भवन चंद खंडूरी
5.रमेश पोखरियाल निशंक
6.विजय बहगुणा
7.हरीश रावत
8.त्रिवेंद्र सिंह रावत
9.तीरथ सिंह रावत
जैसे विकास पुरुषों को जन्म दिया है। तुम आज भी हमसे कहीं न कहीं पिछड़े हुए हो जो काम तुम 50 वर्षों में नहीं कर पाए वो हमने 20 वर्षों में डबल करके दिखा दिया है। पहले यहाँ पर हमारी बराबरी करोए आखिर इतनी तो हमने भी उत्तराखंड में रहकर राजनीति सीख ही ली है और दोनों ने मुसकुराते हुए फोन काट दिए। अगर आपको लगता है कि मेरी इस बातचीत पर दम है तो शेयर करके आगे जरूर भेजें।
आपका
गजेन्द्र जोशी

Share246SendTweet154
Previous Post

महाशिवरात्रि को तलवाड़ी में अष्ठधातु की नंदा मूर्ति की जाएगी स्थापित

Next Post

तलवाड़ी में मां नंदा की अष्टधातु की मूर्ति स्थापित

Related Posts

उत्तराखंड

स्वयं सहायता समूहों से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर : ब्लॉक प्रमुख

January 17, 2026
32
उत्तराखंड

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत गुप्तकाशी में लगा बहुउद्देशीय शिविर

January 17, 2026
7
उत्तराखंड

राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों में अध्यापकों को भारी भरकम टोटा है

January 17, 2026
5
उत्तराखंड

स्टार्टअप इंडिया रैंकिंग में उत्तराखण्ड को मिला ‘लीडर’ दर्जा

January 17, 2026
7
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी का शेफ समुदाय से संवाद, उत्तराखंड के स्वाद को “लोकल से ग्लोबल” बनाने का आह्वान

January 17, 2026
5
उत्तराखंड

गंगा में खूब फल-फूल रहे हैं घड़ियाल

January 17, 2026
5

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67583 shares
    Share 27033 Tweet 16896
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45769 shares
    Share 18308 Tweet 11442
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38040 shares
    Share 15216 Tweet 9510
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37430 shares
    Share 14972 Tweet 9358
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37312 shares
    Share 14925 Tweet 9328

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

स्वयं सहायता समूहों से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर : ब्लॉक प्रमुख

January 17, 2026

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के तहत गुप्तकाशी में लगा बहुउद्देशीय शिविर

January 17, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.