उरगम घाटी, जोशीमठ, चमोली। आजादी की अमृत महोत्सव के अवसर पर वन महोत्सव का आयोजन बडे धूमधाम से कल्पेश्वर उरगम घाटी में किया जा रहा है। अलकनंदा भूमि संरक्षण रेंज जोशीमठ स्थानीय पंचायत महिला मंगल दल स्वैच्छिक कार्यकर्ताओं के द्वारा इस कार्यक्रम को मूर्त रूप दिया जा रहा है।
वर्तमान समय में वन पंचायतों में बढ़ती जनसंख्या के कारण चारे की उपलब्धता निरंतर घटती जा रही है। जिससे महिलाओं पर कार्य बोझ बढ़ता जा रहा है। वन पंचायत क्षेत्रों में वनों का घनत्व धीरे धीरे कम हो रहा है। वन पंचायतों में बन के घनत्व को बढ़ाने के लिए सघन वृक्षारोपण की आवश्यकता है। यह बात आजादी के अमृत उत्सव के अवसर पर रेंज अधिकारी पीएस बुटोला ने कहा उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि सभी वन पंचायतें सशक्त हो और उनका अपना जंगल हो भरकी वन पंचायत क्षेत्र में वन महोत्सव के तहत 200 पौधों का रोपण किया गया।
इस मौके पर जनदेश के सचिव लक्ष्मण सिंह नेगी ने कहा पौधों को बचाने के लिए बिना ग्रामीण सहभागिता संभव नहीं है ग्रामीण लोगों की मदद से ही जंगल बच सकते हैं जंगलों की आग भी कम हो सकती है बढ़ते तापमान को कम करने के लिए बनो की अहम भूमिका हो सकती है सभी लोग चारा प्रजाति के अलावा वन महोत्सव के अवसर पर अपने घरों में फलदार वृक्षों का भी रोपण करने का आह्वान किया। वन पंचायत सरपंच सुरेंद्र सिंह रावत ने कहा हमारा लक्ष्य है कि गांव का हर आदमी हर वर्ष 10 पौधों का रोपण करें और उसकी सुरक्षा करें इस कार्यक्रम में महिला मंडल अध्यक्षा गोविंदी देवी भरकी की उपप्रधान आरती देवी वन पंचायत सरपंच सुरेंद्र सिंह रावत पुष्पा देवी रोशनी देवी सुरेंद्र सिंह चौहान जसपाल सिंह बन दरोगा बीएल आर्या, गोपाल सिंह नेगी सहित कई लोग उपस्थित थे।
रिपोर्ट-लक्ष्मण सिंह नेगी उर्गम घाटी











