बदरीनाथ मास्टर प्लान पर अफसरों ने की गहन चर्चा

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फोटो..श्री बद्रीनाथ मास्टर प्लान को लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों से वार्ता करते पर्यटन सचिव जावलकर।
प्रकाश कपरवान
जोशीमठ, चमोली। पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति सचिव दिलीप जावलकर ने बद्रीनाथ मास्टर प्लान को लेकर बुधवार को क्लेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विचार विमर्श एवं चर्चा की। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ में रह रहे लोगों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए बद्रीनाथ धाम को एक आध्यात्मिक टाउन के रूप में विकसित किया जाएगा। बद्रीनाथ मास्टर प्लान की विस्तार से जानकारी देते हुए पर्यटन सचिव ने विभिन्न विभागों से बद्रीनाथ में प्रस्तावित एवं निर्माणाधीन कार्यो पर भी चर्चा की। कहा कि मास्टर प्लान को ध्यान में रखते हुए ही बद्रीनाथ में आगे के निर्माण कार्य किए जाए।

पर्यटन सचिव ने कहा कि मास्टर प्लान को कार्यन्वयन करने में जिला प्रशासन की अहम भूमिका रहेगी। उन्होंने प्रस्तावित मास्टर प्लान को लेकर बद्रीनाथ में डिटेल सर्वे करने, सर्वे के आधार पर भूमि अधिग्रहण के प्रस्ताव तैयार करने तथा प्रभावित लोगों के पुर्नवास हेतु लैंडबैंक तैयार करने को कहा। पर्यटन सचिव ने कहा कि बद्रीनाथ मंदिर पहले की तरह देवदर्शनी एवं पूरे बद्रीनाथ टाउन में हर छोर से दिखाई दे इस पर विशेष फोकस रखा जाए। पर्यटन सचिव ने ब्रदीनाथ मास्टर प्लान में प्रस्तावित कार्यो की विस्तार से जानकारी दी। कहा कि बद्रीनाथ धाम में तालाबों के सौन्दर्यीकरण, स्ट्रीट स्कैपिंग, क्यू मैनेजमैंट, मंदिर एवं घाट का सौन्दर्यीकरण, बद्रीश वन, पार्किंग फेसलिटी, सड़क एवं रिवर फ्रंट डेवलपमेंट आदि निर्माण कार्य मास्टर प्लान के तहत चरणबद्व ढंग से प्रस्तावित किए गए है। यात्री सुविधाओं के लिए पहले चरण में शेष नेत्रए बदरीश झील एवं मंदिर के आसपास के क्षेत्र में कार्य किया जाएगा। दूसरे चरण में मुख्य मंदिर, नदी तटों, घाटों एवं आसपास के स्थलों को सुसज्जित व विस्तारीकरण किया जाएगा। तत्पश्चात अंतिम चरण में शेष नेत्र से बदरीनाथ मंदिर तक आस्थापथ निर्माण का कार्य होगा। अगले वर्ष मार्च से विकास के निर्माण कार्य शुरू होगें।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड, नगर नियोजन विभाग ने पहले ही बद्रीनाथ धाम के विकास के लिए मास्टर प्लान.2025 तैयार किया है। इस प्लान के कम्पोनेंट और धाम में वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए लगभग 85 हैक्टियर क्षेत्रफल में सुविधाओं को विकसित करने के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। जिससे इस पूरे हिल टाउन में सुव्यवस्थित ढंग से ट्रैफिक मैनेजमेंट हो सके और तीर्थ यात्रियों को यहाॅ पर धार्मिक और आध्यात्म की अनुभूति मिल सके। उन्होंने कहा कि यहाॅ के हक हकूकधारियों, तीर्थ पुरोहितों, व्यापारियों एवं स्थानीय निवासियों के हितों, उनके रोजगार एवं आजीविका को ध्यान में रखते हुए यहाॅ पर मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य किए जाएंगे। पर्यटन सचिव ने कहा कि हर साल लगभग 12 लाख श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुॅच रहे हैं। वर्तमान में रेलवे और आलवेदर सड़क का कार्य पूरा होने पर यहाॅ हर वर्ष 30 लाख से अधिक तीर्थयात्री पहुॅचेंगे। तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए बद्रीनाथ टाउन में ट्रैफिक मैनेजमेंट एवं यात्री सुविधाओं को जुटाना आवश्यक है।

बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने आध्यात्मिक क्षेत्र बदरीनाथ धाम के विकास हेतु बदरीनाथ मास्टर प्लान को महत्त्वपूर्ण महायोजना बताया। कहा कि हर साल बद्रीनाथ में श्रद्वालुओं की संख्या बढ रही है उसके लिए यहां यात्री सुविधाएं विकसित करना बेहद जरूरी है। इस दौरान पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चैहान, मुख्य विकास अधिकारी हंसादत्त पांडे, अधीक्षण अभियंता लोनिवि मुकेश परमार, जिला पर्यटन अधिकारी वृजेन्द्र पांडे आदि मौजूद रहे।

विदित हो कि पर्यटन सचिव दो दिवसीय भ्रमण पर सोमवार को बद्रीनाथ पहुॅचे थे। उन्होंने बद्रीनाथ, माणा एवं नीति घाटी में विभिन्न पर्यटन एवं तीर्थस्थलों का निरीक्षण किया। बद्रीनाथ में पर्यटन सचिव ने यहाॅ के हक हकूकधारियों, तीर्थ पुरोहितों, व्यापार मंडल एवं स्थानीय निवासियों से मास्टर प्लान को लेकर चर्चा की। उन्होंने सभी को आश्वास्त किया कि यहाॅ रहने वाले हर एक व्यक्ति के हितों को ध्यान में रखकर ही विकास कार्य किए जाएगे। सचिव ने बद्रीनाथ में पहाडी शैली में निर्मित पुराने भवन का निरीक्षण भी किया। इस दौरान लोगों ने बताया कि यहां पर पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू रूके थे। पर्यटन सचिव ने नीति क्षेत्र का भ्रमण कर नीति, बाम्पा, गमशाली, मलारी, तपोवन आदि गांवों में होम स्टे तथा एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा किए गए कार्यो का निरीक्षण किया गया और लोगों को होमस्टे संचालन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने टिम्बरसैंण महादेव मंदिर यात्री सुविधाओं के विकास को लेकर भी स्थानीय लोगों के सुझाव लिए।

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