
फोटो-
01-औली मंे संचालित चियर लिफ्ट
2-जोशीमठ-औली रोप-वे का संचालन शुरू हुआ
वीडियों- औली मे सचांलित चियर लिफ्ट
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। 6 महीनों के बाद विश्व विख्यात हिमक्रीडा केन्द्र मे दौडनी लगी चियर लिफ्ट। पहले दिन तीस पर्यटकों ने चियर लिफ्ट की सैर की। रोप-वे भी हुआ शुरू, लेकिन पहले दिन मात्र तीन पर्यटक ही पंहुच सके।
श्री बदरीनाथ एवं श्री हेमकुंड साहिब-लोकपाल की यात्रा पूरे देशवासियांे के लिए खोलने के बाद अब राज्य सरकार ने विश्व विख्यात पर्यटन स्थलों तक पंहुचने की सुविधाओं को भी खोलना शुरू कर दिया है। इसी कडी मे देश की संबसे लंबी जोशीमठ-औली रोप-वे के साथ ही विश्व विख्यात हिमक्रीडा केन्द्र औली मे संचालित चियर लिफ्ट को भी पर्यटको व आम जनमानस के लिए खोलने का निर्णय लिया गया। जीएमवीएन द्वारा संचालित रोप-वे व चियर लिफ्ट परियोजना का बृहस्पतिवार से विधिवत संचालन शुरू हो गया है।
विश्व विख्यात हिमक्रीडा केन्द्र औली मे आठ सौ मीटर लंबी चियर लिफ्ट स्थापित है। जिसमे चार सीटर 16चियर लगी है। एक बार मे 64पर्यटक आवागमन कर सकते है। और यह चियर लिफ्ट पर्यटकों की औली मे मौजूदगी के अनुसार पूरे दिन संचालित होती है। प्रतिवर्ष शीतकाल के साथ ही ग्रीष्म काल मे बडी संख्या मे पर्यटक रोप-वे के माध्यम से औली पंहुचते है। और औली मे चियर लिफ्ट का लुफ्त उठाना भी बेहद पसंद करते है। लेकिन इस बार कोरोना महामारी ने औली को भी वीरान करके रख दिया था। पर्यटको का आवागमन बंद तो था ही रोप-वे व चियर लिफ्ट के संचालन पर भी प्रशासन की ओर से सख्ती से रोक लगा दी गई थी।
हाॅलाकि कोरोना काल मे जीएमवीएन के रोप-वे परियोजना के कार्मिकों द्वारा परियोजना क्षेत्र मे निरंतर साफ-सफाई व मेंटिेनेंस के साथ ही समय-समय पर सुरक्षा उपायों से संबधित माॅक ड्रिल भी किया जाता रहा है।
अब सरकार द्वारा रोप-वे व चियर लिफ्ट परियोजनाओ को भी शुरू करने के निर्देश के साथ ही रोप-वे परियोजना संचालन मे कार्यरत कर्मियों ने पुन साफ-सफाई व कोविड-19के नियमों का पालन करते हुए रोप-वे तथा चियर लिफ्ट का संचालन शुरू कर दिया है।
रोप-वे परियोजनाओ के प्रबंधक संचालन इंजीनियर दिनेश भटट के अनुसार सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के क्रम मे बृहस्पतिवार से जोशीमठ-औली रोप-वे तथा औली मे स्थापित चियर लिफ्ट का संचालन शुरू कर दिया है। पहले दिन चियर लिफ्ट से तीस पर्यटकों ने आवागमन किया। लेकिन रोप-वे मे पहले दिन मात्र तीन ही पर्यटक पंहुच सके। जिन्है रोप-वे स्टाफ के साथ औली भेजा गया।
श्री भटट ने उम्मीद जाहिर की कि अभी शीतकाल के लिए श्री बदरीनाथ के कपाट बंद होने मे एक महीने से अधिक का समय है। और यात्री व पर्यटकों की संख्या मे भी इजाफा हो रहा हैं निश्चित ही पर्यटक व तीर्थयात्री औली का रूख करेगे। और रोप-वे तथा चियर लिफ्ट का आंनद उठाकर कोरोना काल मे अपनी यात्रा को यादगार बनाऐगे।











