
थराली से हरेंद्र बिष्ट
बारिश ना होने के कारण पिंडर घाटी के जंगलों में दावानल लगातार फैलती जा रही हैं। जिससे लाखों की वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
पिछले ढ़ाई माह से अधिक समय से क्षेत्र में बारिश ना होने के कारण सूखे के चलते यहां के जंगल बेमौसमी दवानल की चपेट में आते जा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान पहले मध्य पिंडर रेंज थराली के अंतर्गत सूना गांव के आस पास के जंगलों में दवानल ने वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचाया। उस पर काबू पाने के बाद अचानक ही गत दिवस से इसी रेंज के अंतर्गत देवसारी, सरकोट के जंगल दवानल की चपेट में आ गए हैं। जोकि तेजी के साथ एक के बाद दूसरे जंगल को अपने चपेट में लेती जा रही हैं।
मौसम की बेरुखी के कारण जंगलों में दवाग्नी भड़कने के कारण वन विभाग भी खाशा परेशान हैं। दरअसल सरकारी स्तर पर ग्रीष्मकालीन दवाग्नी को नियंत्रित करने के लिए तो विभाग के पास बजट के साथ ही अतरिक्त सीजनल कर्मी मौजूद रहते हैं, किन्तु सर्दियों में जंगलों में लगने वाली आग को बुझाने के लिए उसके पास इस तरह के कोई भी संसाधन नहीं होते हैं। सूत्रों की मानें तो कई बार साल भर में कम से कम 9 महिने सीजनल फायर कर्मियों को रखे जाने की मांग विभागीय अधिकारी कर्मचारी समिक्षा बैठकों में रखते आ रहे हैं, किन्तु इस पर शासन स्तर पर कोई भी ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। जिससे गैर फायर सीजन में वन विभाग के अधिकारी एवं फील्ड कर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता हैं।तेजी के साथ एक के बाद एक जंगल दवानल की भेट चढ़ने के कारण वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी भी अब परेशान होने लगें हैं। उनका भी मानना है कि जल्द बारिश नही हुई तो और भी जंगलों में दवानल फैलने से रोकने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता हैं।











