• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

पर्यटन स्थलों और धामों को तैयार होने का मौका

10/06/20
in उत्तराखंड, चमोली
Reading Time: 1min read
74
SHARES
92
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

पर्यटन स्थलों और धामों को तैयार होने का मौका
फोटो-01- श्री बदरीनाथ धाम।
02 फाइल फोटो– चियर लिफ्ट औली।
03- फाइल फोटो- जोशीमठ-औली रोप वे।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। राज्य सरकार की ओर से देवस्थानम बोर्ड ने जनपद स्तर पर चारों धामों की यात्रा शुरू करने का फरमान तो जारी किया है। लेकिन गत वर्षो मे कांग्रेस की सरकार के दौरान ’’मेरे बुजुर्ग-मेरे तीर्थ’’ तथा भाजपा की सरकार मे ’’पंडित दीनदयाल उपाध्याय मातृ-पित्र तीर्थाटन योजना’’ के माध्यय से निशुल्न्क परिवहन, आवास व भोजन तथा दर्शनों का लाभ ले चुके विभिन्न जनपदों के राज्यवासी क्या इस कोरोना काल में स्वय के व्यय पर आशातीत संख्या में धामों में पहंुच पांएगे! बहरहाल देवस्थानम बोर्ड ने घामों में चहल-पहल शुरू करने तथा इस बहाने होटल व रेस्टोरेंट व्यवसायी तीस जून तक अपनी तैयारियाॅ कर सके, इसे देखते हुए फैसला तो उचित ही लिया है। लेकिन सोशल डिस्टेंस के कारण बसो व टैक्सियों में कम सवारी के कारण कही ज्यादा किराया तो बदरीनाथ पहंुचकर कोविड-19 के सख्त नियमो का पालन अगर जनपदवासी यह सब कर सकेंगे तो सरकार के फैसले को कही न कहीं उचित ही ठहराया जाऐगा।
कोरोना महामारी का असर उत्तराखंड के देवालयों के साथ ही ख्याति प्राप्त पर्यटक स्थलों पर पड गया है।
दुनिया के बेहतरीन स्कीइंग स्पाॅट में एक औली में सुसज्जित भारत के सबसे लंबे रोप वे तथा चियरलिफ्ट भी कोरोना के कारण सचंालित नहीं हो सके हैं।
कोविड-19 ने जीएमवीएन के आय के प्रमुख स्रोतों मे एक रोप-वे तथा चियरलिफ्ट को भी अछूता नही रखा। निगम के दोनो महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट कोरोना के चलते ठप्प है। और आगे भी अभी इसके संचालित होने के कोई आसार नही दिखते।
दससअल औली के लिए जोशीमठ-औली रोप वे भारत का सबसे लंगा रोप वे है। जिसका संचालन शीतकाल के साथ ही ग्रीष्म काल मे भी लगातार होता रहा है। शीतकाल मे स्कीइंग प्रेमी पर्यटक तो ग्रीष्म काल मे श्री बदरीनाथ व हेमकुंड साहिब-लोकपाल की यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु भी इस रोप का लुफ्त उठाने के लिए अवश्य यहाॅ ठहरते है। रोप वे के अलावा औली मे चियरलिफ्ट भी है , और पर्यटक औली पंहुचकर इसका आंनद भी उठाते है। लेकिन कोरोना महामारी ने जीएमवीएन के इन दोनो महत्वपूर्ण आय के स्रोतों पर विराम लगा रखा है। जीएमवीएन के रोपवे परियोजना के आपरेशन मैनेजर इंजीनियर दिनेश भटट के अनुसार गत वर्ष अप्रै्रल से जून महीने तक करीब 16745पर्यटको ने रोप वे की सैर की जबकि इसी अविध मे औली मे स्थापित चियरलिफ्ट का 22574 पर्यटको ने लुफ्त उठाया।
हाॅलाकि जनपद स्तर पर धामो की यात्रा शुरू करने की गाइड लाइन तो जारी हुई है लेकिन इस दौरान रोप वे परियोजनाओ ंके सचंालन के लिए किसी प्रकार के दिशा निर्देश प्राप्त नही हुए है।

यही नही विश्व विख्यात हिकमक्रीडा केन्द्र औली मे भी छाई है वीरानी ,मई व जून के महीने मे तो औली प्रकृति प्रेमी पर्यटकों से पटा रहता था , कोविड-19 के कारण यहाॅ सन्नाटा पसरा है।

विश्व विख्यात हिमक्रीडा केन्द्र औली के विश्व पर्यटन मानचित्र पर छाने के बाद यहाॅ प्रतिवर्ष हजारों ग्रीष्मकालीन व शीतकालीन पर्यटकों का हुजूम उमडता है।और श्री बदरीनाथ के कपाट खुलने व विश्व धरोहर फूलों की घाटी खुलने के बाद इन क्षेत्रों मे आने वाले धार्मिक एवं प्रकृति प्रेमी पर्यटक अवश्य ही औली का दीदार करने पंहुचते है। श्री बदरीनाथ, फूलों की घाटी व हेमकुंड साहिब-लोकपाल आने वाले तीर्थयात्री व पर्यटक अवश्य ही औल्ी के दीदार के लिए पंहुचते हैं
औली पर्यटन मानचित्र पर आने के बाद जोशीमठ से औली तक दर्जनों युवावों ने छोटे-बडे हटस, टैण्ट कालोनी व रिसोर्ट के माध्यम से पर्यटन ब्यवसाय से जुड कर स्वरोजगार अपनाया। लेकिन उनकी भी उम्मीदों पर इस वर्ष पानी फिर गया है। औली मे ही गढवाल मंण्डल विकास निगम को आलीशान स्की रिसोर्ट है, जहाॅ वर्षभर आॅन लाइन बुकिंग व कंरट बुकिंग के माध्यम से देश-विदेश के पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती हैं। इसके अलावा अनेक अन्य छोटे-बडे होटल भी है जिन्है यात्रा काल तथा शीतकाल मे अच्छा-खासा रोजगार मिलता है। लेकिन इस वर्ष मार्च महीने से सबकुछ ठप्प पडा है। अब देखना होगा कि जनपद स्तर की यात्रा शुरू करने के बाद धार्मिक स्थलों के साथ पर्यटक स्थलो पर भी चहल-पहल शुरू हो सकेगी! इस पर भी नजरे रहेगी।

Share30SendTweet19
Previous Post

आरवीआरआई मुक्तेश्वर लैब में भी होगी कोरोना के सैंपल की जांच

Next Post

कटहल से तेजी से बढ़ती है इम्युनिटी

Related Posts

उत्तराखंड

उत्तराखंड की सदियों पुरानी परंपरा भिटौली

March 6, 2026
7
उत्तराखंड

टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्रः सीएम

March 6, 2026
5
उत्तराखंड

उत्तराखण्ड खटीमा थारू जनजाति की प्रसिद्ध गायिका रिकु राणा का सड़क हादसे में निधन

March 6, 2026
15
उत्तराखंड

लॉ यूनिवर्सिटी की मांग को लेकर 18वें दिन भी धरना जारी

March 6, 2026
30
उत्तराखंड

भाजपा एवं कांग्रेस एक सिक्के के दो पहलू : भूपाल सिंह गुसांईं

March 6, 2026
12
उत्तराखंड

भारत संचार निगम लिमिटेड ने इन क्षेत्रों में पांच मोबाइल टावर स्थापित

March 6, 2026
11

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67662 shares
    Share 27065 Tweet 16916
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45773 shares
    Share 18309 Tweet 11443
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38046 shares
    Share 15218 Tweet 9512
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37435 shares
    Share 14974 Tweet 9359
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37324 shares
    Share 14930 Tweet 9331

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

उत्तराखंड की सदियों पुरानी परंपरा भिटौली

March 6, 2026

टिहरी झील बनेगी विश्व में पर्यटन-खेल का प्रमुख केंद्रः सीएम

March 6, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.