फोटो- भूमि हस्तांतरण के बाद निरीक्षण करते प्राचार्य डा0खाली ।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। कब्जा हस्तांतरण के उपरांत महाविद्यालय के प्राचार्य ने किया भूमि व परिसर का निरीक्षण। परिसर मे अवैध रूप से बने टिन सेड्स को हटाने के भी दिए निर्देश ।
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ के नव नियुक्त प्राचार्य प्रो0’’डा0’’ विश्वनाथ खाली ने महाविद्यालय को हस्तांतरित हुई 53 नाली 10 मुट्ठी भूमि का निरीक्षण किया। सिचाॅई एंव अनुसंधान नियोजन खंड द्वारा महाविद्यालय को उक्त भूमि का कब्जा हस्तातंरण किया गया है। अब महाविद्यालय मे वर्षो से लंबित विकास एंव निर्माण कार्य हो सकेगे।
प्राचार्य खाली के अनुसार निकट भविष्य मे महाविद्यालय मे छात्रावास,क्रीडांगन,विज्ञान संकाय भवन, आवासीय परिसर,व पीजी भवन का निर्माण किया जाना है। अब संपूर्ण भूमि का स्वामित्व महाविद्यालय को मिलने के बाद सभी प्रकार के विकास एंव निर्माण कार्य हो सकेगे।
निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय परिसर मे बने टिन सेटस जिनका उपयोग दो स्थानीय परिवारों द्वारा गौशाला के रूप मे किया जा रहा है, उन्है एक माह के भीतर परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए।
महाविद्यालय परिसर व भूमि निरीक्षण के दौरान प्राचार्य के साथ डा0गोपाल कृष्ण सेमवाल, डा0सुमन सिंह, डा0चरण ंिसह राणा ,डा0मुकेश चंद्र, डा0राहुल तिवारी,, डा0धीरेन्द्र सिंह, डा0नवीन कोहली, डा0आनंन्द कुमार तथा कार्यालय लिपिक रणजीत सिंह आदि मौजूद रहे।
सीमांत क्षेत्र जोशीमठ के इस महाविद्यालय के लिए भूमि के साथ ही शिक्षको की तैनाती को लेकर छात्रों के साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा भी कई बार आंदोलन किये गए। अब महाविद्यालय मे लगभग सभी विषयों के प्राध्यापकों व प्राचार्य की नियुक्ति के बाद आवश्यकतानुसार संपूर्ण भूमि का भी स्वामित्व मिल जाने से अब पठन-पाठन के साथ ही अन्य गतिविधियाॅ भी शुरू हो सकेगी। और शीध्र ही छात्रावास के साथ ही खेल मैदान व अन्य भवनो का भी निर्माण होगा।











