• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

सुख समृद्धि का प्रतीक है ये हरेला पर्व

16/07/20
in उत्तराखंड, संस्कृति
Reading Time: 1min read
66
SHARES
83
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
भारत कृषि प्रधान देश है ऐसे में अच्छी वर्षा और अछी कृषि की आस लिए हमारे कृषक हरेला पर्व मनाते हैं। श्रावण मास में हरेला को ज्यादा महत्व देने की एक वजह इस माह का शंकर भगवान को विशेष प्रिय होना भी है। उत्तराखण्ड एक पहाड़ी प्रदेश है और पहाड़ों पर ही भगवान शंकर का वास माना जाता है। इसलिए भी उत्तराखण्ड में श्रावण मास में पड़ने वाले हरेला का अधिक महत्व मिला है। भारत कृषि प्रधान देश है ऐसे में अच्छी वर्षा और अछी कृषि की आस लिए हमारे कृषक हरेला पर्व मनाते हैं। श्रावण मास में हरेला को ज्यादा महत्व देने की एक वजह इस माह का शंकर भगवान को विशेष प्रिय होना भी है। उत्तराखंड प्रारंभ से ही आंदोलन की धरती रहा है।
अपने हक, समाज हित और पर्यावरण को लेकर उत्तराखंड़ में सैंकड़ों आंदोलन हुए हैं। चिपको आंदोलन और उत्तराखंड़ राज्य आंदोलन की गूंज तो पूरे विश्व ने सुनी थीए जिसमे राज्य की महिला शक्ति ने बढ़.चढ़कर भाग लिया था और दिल्ली तक सरकार को हिला दिया था, लेकिन राज्य बनने के बाद भी उत्तराखंड में न तो अपेक्षाकृत विकास हुआ और न ही पहाड़ी इलाकों में समस्या का समाधान। हां, उत्तरखंड की प्राकृतिक संपदा का बड़े स्तर पर दोहन जरूर किया गया। उत्तराखण्ड एक पहाड़ी प्रदेश है और पहाड़ों पर ही भगवान शंकर का वास माना जाता है। इसलिए भी उत्तराखण्ड में श्रावण मास में पड़ने वाले हरेला का अधिक महत्व मिला है। अपने जीवन में हमेशा ज्यादा से ज्यादा संख्या में पौधे लगाने चाहिए। पर्यावरण के बिना हमारा जीवन अधूरा हैं। अगर पेड़ों की संख्या घटती रही और हम पौधे ज्यादा न लगा सके तो आने वाली पीढ़ी भी हमें किसी सूरत में माफ नहीं करेगी। इसलिए सभी को अपने आसपास पौधा जरूर लगाना चाहिए ताकि हमारा वातावरण हरा भरा रहे। एक पौधा स्वयं धूप सहन कर सभी को छाया व फल देने का काम करता हैं।
प्रकृत्ति ने हमें बहुत कुछ दिया हैं हमारा भी दायित्व बनता है कि हम भी प्रकृत्ति को और ज्यादा सुंदर बनाएं। इतना ही नहीं सभी को चाहिए कि वह अपने व परिवार के किसी भी सदस्य के जन्मदिवस, बुजुर्गों की पुण्यतिथि के साथ साथ अन्य किसी भी शुभ अवसर पर एक पौधा अवश्य लगाएं ताकि हमारा पर्यावरण शुद्धता से भरा रहे। 15 प्रतिशत जंगल ही भारत में बचे रहने की बात कहते हुए कहा गया कि सरकार 2 प्रतिशत जंगल बढ़ाने को करोड़ों रूपए खर्च रही है। धरती पर कम से कम 33 प्रतिशत जंगल होने ही चाहिए । वृक्षारोपण आसान है, लेकिन उसकी सुरक्षा अधिक महत्वपूर्ण है। वृक्ष की सुरक्षा से ही मानव की सुरक्षा होगी। मांगलिक कार्य उपनयन संस्कार, जन्मदिनए विवाह आदि शुभ अवसर पर कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाने का आह्वान कि एक वृक्ष 100 पुत्र समान है अपने पूर्वजों की पुण्यस्मृति में पीपल या बरगद का पेड़ अवश्य लगाएं और उसकी सुरक्षा करें क्योंकि वृक्ष हमारे लिए जीवन है और वृक्ष बचेगा तो ही जीवन बचेगा।
देश को प्रदूषण मुक्त करने से उनका कोई लेना देना नही है।पर्यावरण संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम सरकार को चलाना चाहिए। सभी व्यक्ति अपने घरों पर एक पौधा लगाने का जगह खाली रखकर पौधा जरूर लगाएं। प्रदूषण मुक्त भारत का संकल्प लेकर अपने जीवन में हर नागरिक एक पौधा अवश्य लगाये लेकिन सरकार के साथ साथ देश प्रदेश के सभी सम्मानित नागिरकों को ध्यान आकृष्ट करने की आवश्यक्ता है कि क्या एक दिन एक पेड़ लगाने और फोटो खिंचाने से क्या पर्यावरण में सुधार होगा। ऐसा बिल्कुल नही हो सकता जिस प्रकार साल में एक दिन पर्यावरण दिवस हरेला पर सभी बुद्धजीवी वर्ग पौधा लगाते है। उनको थोड़ा जागरूक होने की आवश्यक्ता है कि देश प्रदेश का प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन के जन्मदिन शादी के वैवाहिक वर्षगाठ, शादी के शुभ अवसर पर या किसी भी किसी भी पर्व पर एक वृक्ष लगाने का प्रयास और उसको करें। जिससे मानव समाज के लिए शुद्ध वातावरण प्राप्त हो।
आज के समय में पौधारोपण की तस्वीरें खिंचाने का जो होड़ है।हर व्यक्ति पेड़ पर हाथ लगाकर फोटो खिंचाते नजर आते रहते हैं। एक पौधरोपण पर अनेकों लोग एक साथ फोटो खिंचाते है और सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं। अच्छी बात है मगर देश हित व मानव जीवन के विशेष हित को ध्यान में रखते हुये देश का प्रत्येक व्यक्ति एक.एक पौधा अपने जीवन के जन्मदिन, शादी के शुभ अवसर पर, वैवाहिक वर्षगाठ पर एक पौधा जरूर लगाएण्उत्तराखण्ड के वनों की सुरक्षा के लिए वहां के लोगों द्वारा 1970 के दशक में आरम्भ किया गया आंदोलन है। इसमें लोगों ने पेड़ों केा गले लगा लिया ताकि उन्हें कोई काट न सके। यह आलिंगन दरअसल प्रकृति और मानव के बीच प्रेम का प्रतीक बना और इसे ष्चिपको ष् की संज्ञा दी गई। उसके लिए जंगल का प्रश्न उसकी जीवन. मृत्यु का प्रश्न है। अतः वनों से संबंधित किसी भी निणर्य में उनकी राय को शामिल करनी चाहिए। चिपको आंदोलन ने वंदना शिवा को विकास के एक नये सिद्धांत पर्यावरण नारीवाद के लिए प्रेरणा दीए जिसमें पर्यावरण तथा नारी के बीच अटूट संबंधों को दर्शाया गया है। मैती आंदोलन भारत का एक ऐसा पर्यावरण आंदोलन है जिसने पर्यारण और लोगों के बीच एक भावनात्मक संबंध बनाया है। कल्याण सिंह रावत द्वारा 1995 में इस आंदोलन को प्रारंभ किया था।

Share26SendTweet17
Previous Post

बदरीश वन बदरीनाथ धाम में हरेला पर पौधरोपण

Next Post

एक दिन में 199 संक्रमित, आंकड़ा पहुंचा 3982

Related Posts

उत्तराखंड

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया

March 7, 2026
7
उत्तराखंड

गार्गी उनियाल ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग अफसर बनकर प्रदेश व क्षेत्र का नाम का रोशन किया

March 7, 2026
7
उत्तराखंड

एसिड अटैक ने आंखें छीनीं हौसला नहीं आज सैकड़ों महिलाओं की ‘रोशनी’ बनीं कविता बिष्ट

March 7, 2026
6
उत्तराखंड

गंगा-यमुना का यह पहला संगम लोगों की नजरों से ओझल है

March 7, 2026
6
उत्तराखंड

पहाड़ की प्रतिभा किसी से कम नहीं

March 7, 2026
6
उत्तराखंड

पिरूल हस्तशिल्प’ की शुरुआत उत्तरखंड

March 7, 2026
5

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67662 shares
    Share 27065 Tweet 16916
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45773 shares
    Share 18309 Tweet 11443
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38046 shares
    Share 15218 Tweet 9512
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37436 shares
    Share 14974 Tweet 9359
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37324 shares
    Share 14930 Tweet 9331

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया

March 7, 2026

गार्गी उनियाल ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग अफसर बनकर प्रदेश व क्षेत्र का नाम का रोशन किया

March 7, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.