फोटो– ईको सेंसटिव जोन को लेकर हुई बैठक मे मौजूद अधिकारीगण ।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। हेमकुंड साहिब, घाॅघरिया व भ्यूॅडार गाॅव ईको सेंसटिव जोन से बाहर रहेंगे। फूलों की धाटी राष्ट्रीय पार्क के अन्य क्षेत्र सेंसटिव जोन में आऐंगे।
वन विभाग द्वारा विश्व धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क के चारों ओर पारिस्थितकीय संवेदनशील जोन घोषित किए जाने के बाद नोटिफिकेशन से पूर्व संबधित क्षेत्रवासियों की आपत्ति सुनने के लिए 31जुलाई की तारीख मुकर्रर की थी। जिसके क्रम मे यहाॅ ब्लाक सभागार मे आयोजित बैठक मे जोशीमठ रैज के वनक्षेत्राधिकारी धीरेश चंद्र विष्ट तथा फूलों की घाटी रैज के रैज आफीसर बृजमोहन भारती ने फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र के चारो ओर ईकेा सेंसटिव जोन घोषित किए जाने का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होने स्पष्ट किया इस जोन मे भ्यॅूडार गाॅव, हेमकुंड साहिब,घांघरिया के अलावा यहाॅ तक पंहुचने के मार्ग को इस जोन से बाहर रखा गया है। उन्होने बतया कि ईको संेसटिव जोन मे कोई भी वसागत नही है , जो भी मूमि है वह सिविल, तथा वन पंचायत की ही भूमि है।
नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के उप वन संरक्षक नंदा बल्लभ शर्मा के अनुसार फूलो की घाटी राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र को ईका सेंसटिव जोन घोषित किए जाने से निश्चित ही दुर्लभ वन्य जीवों व वनस्पिति को बेहद लाभ होगा। आने वाले भविष्य के लिए ऐसा किया जाना बेहद जरूरी था। उन्होने कहा कि ईको सेंसटिव जोन से पार्क क्षेत्र के नजदीक की बसावट को बाहर रखा गया है ताकि इन क्षेत्रों मे विकास कार्य बाधित न हो सके।
ईको सेंसटिव जोन को लेकर हुई इस महत्वपूर्ण बैठक मे डीएफओ एन0बी शर्मा व एसडीएम अनिल कुमार चन्याल के अलावा तहसीलदार चंद्रशेखर बशिष्ठ,,खंड विकास अधिकारी विक्रम लाल साह,, वन क्षेत्राधिकारी जोशीमठ धीरेश च्रद विष्ट, वन क्षेत्राधिकारी फूलो की घाटी रैंज वृजमोहन भारती,हेमकुंड साहिब मैनेजमेट ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक सरदार सेवा सिंह, पर्यटन अधिकारी हीरा लाल आर्य, शिव राज सिंह चैहान प्रधान भ्यूॅडार,चंद्रशेखर चैहान अध्यक्ष ईडीसी भ्यूॅडार, सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश झिंक्वाण, प्रताप सिंह चैहान,संगीता मेहत्ता सरंपच बामणी-बदरीनाथ ,सरिता रावत सरपंच पांडुकेश्वर,बीना देवी सरंपंच माणा सहित अनेक लोग मौजूद रहे ।











