लक्ष्मण सिंह नेगी की रिपोर्ट
चमोली: 12 मई के दिन वीरबाला बीना वरतोली के जंगल में बन अग्नि के कारण शहादत हो गई 12 मई 1999 को उसने बन की आग को हरसंभव बुझाने की कोशिश की किंतु बुझा नहीं पाई अपनी को ही शहादत दे कर अमर हो गई हर वर्ष वीरबाला बीना की याद में करणप्रयाग मैं समाजसेवी जितेंद्र कुमार के द्वारा बीना स्मृति फाउंडेशन के माध्यम से समाज में उत्कृष्ट काम करने वाले ऐसे साहसिक लोगों को यह सम्मान दिया जाता है जो पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हो आज करणप्रयाग में एक होटल मैं इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम की शुरुआत मैती आंदोलन के जनक पद्मश्री सम्मान से सम्मानित कल्याण सिंह रावत के द्वारा दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम की शुरुआत की गई इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले समाजसेवियों को बिना स्मृति सम्मान से सम्मानित किया गया। जिन्हें बिना स्मृति सम्मान मिला मैं पंकज ध्यानी वन अग्नि सुरक्षा के कामों में सहयोग देने के लिए ,
प्रकाश नेगी जल संरक्षण के क्षेत्र में वीरेंद्र दत्त गोदियाल पर्यावरण शिक्षा के काम को बढ़ाने के लिए मोनिका सेलिस शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए शशिकांडपाल पर्यावरण संरक्षण ,विनोद पंवार, चाइल्ड हेल्प सुरेंद्र लाल शिक्षा के क्षेत्र में अरविंद चौहान युवा विकास प्रताप बुटोला अग्नि सुरक्षा दीपक शाह पत्रकारिता के क्षेत्र में इंदर सिंह गुसाईं समाज सेवा के क्षेत्र में सम्मानित किया गया इस सम्मान समारोह में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष गोचर मुकेश नेगी पूर्व राज्य मंत्री सरदार संत सिंह समाजसेवी भुवन नौटियाल मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेश शर्मा सर्जन करणप्रयाग लोक जागृति विकास संस्थान के जितेंद्र कुमार क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे। बीना स्मृति सम्मान की शुरुआत दो समाजसेवी द्वारा शुरुआत की गई थी वर्ष 2009 से इस सम्मान की शुरुआत जोशीमठ से की गई थी लोक जागृति विकास संस्था,जदेश सामाजिक संगठन ने मिलके इसकी शुरुआत की गई निरंतर इस सम्मान को विभिन्न क्षेत्र में दिया जाता है इस काम की शुरुआत जितेंद्र कुमार ने बीना के बलिदान से शुरू किया था। बीना की शहादत को कक्षा 7 की पुस्तक में रोचक प्रसंग के रूप में प्रकाशित हो चुकी है जो रचना डॉक्टर नंदकिशोर हटवाल के द्वारा तैयार की गई इस ऊंचाई को पहुंचाने के लिए जितेंद्र कुमार ने बणो की पुकार में बीना के नाम से तेरी ऋतु बसंत बॉडी के आएगी मन की बॉडी के निओनी गीत की रचना से किया था करणप्रयाग के बरतोली गांव में आज भी बीना स्मृति स्मारक बना हुआ है।











