
कांग्रेस जिला अध्यक्ष विकास नेगी ने वीर सैनिकों को याद कर, शहीदों को किये श्रद्धासुमन अर्पित।
कमल बिष्ट/उत्तराखंड समाचार।
कोटद्वार। विजय दिवस के पावन उपलक्ष्य में जिला एवं महानगर कांग्रेस कार्यालय, जनसेवा केंद्र, कोटद्वार में विजय दिवस शौर्य समारोह में गरिमामयी एवं देशभक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन जिला एवं महानगर कांग्रेस, कोटद्वार तथा पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
इस मौके पर पूर्व कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार, सुरेन्द्र सिंह नेगी, जिला एवं महानगर कांग्रेस के नेतृत्व में 1971 के भारत-पाक युद्ध में ऐतिहासिक विजय दिलाने वाले वीर सैनिकों को फूल-मालाएं पहनाकर एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान देश की रक्षा में समर्पित वीर जवानों के प्रति कृतज्ञ राष्ट्र की भावना का प्रतीक रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व कैबनेट मंत्री उत्तराखण्ड सरकार, सुरेन्द्र सिंह नेगी ने 1971 के भारत-पाक युद्ध और बांग्लादेश मुक्ति संग्राम की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का स्मरण करते हुए कहा कि *1971 की विजय केवल एक युद्ध की जीत नहीं थी, बल्कि यह भारत की कूटनीतिक दूरदर्शिता, तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के दृढ़ नेतृत्व और भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य का परिणाम थी।* उन्होंने कहा कि *मात्र 13 दिनों में भारतीय सेना ने अद्भुत साहस, रणनीति और अनुशासन का परिचय देते हुए पाकिस्तान के 92 हजार सैनिकों को आत्मसमर्पण के लिए विवश किया,* जिसके परिणामस्वरूप पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए और बांग्लादेश का जन्म हुआ।
यह विजय विश्व इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य सफलताओं में से एक है, जिसने भारत को मंच पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।
श्री नेगी ने कहा कि इंदिरा गांधी ने अंतर्राष्ट्रीय दबावों की परवाह न किये बगैर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और सेना को पूर्ण राजनीतिक समर्थन देकर यह सिद्ध किया कि मजबूत नेतृत्व ही राष्ट्र को निर्णायक विजय दिला सकता है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर देश, सेना और संविधान के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें।
जिलाध्यक्ष विकास नेगी ने कहा कि 1971 का युद्ध भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता, अनुशासन और सर्वोच्च बलिदान का जीवंत उदाहरण है।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष मीना बछुवाण ने कहा कि हमारे सैनिकों ने विषम परिस्थितियों में भी देश की आन-बान-शान की रक्षा की और यह सिद्ध किया कि भारतीय सेना विश्व की सर्वश्रेष्ठ सेनाओं में से एक है। वहीं पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ, महानगर कोटद्वार अध्यक्ष बृजपाल सिंह नेगी ने कहा कि विजय दिवस हमें यह याद दिलाता है कि सैनिकों का सम्मान केवल एक दिन का नहीं, बल्कि यह हमारी निरंतर नैतिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।”
उन्होंने कहा “हमें गर्व है भारतीय सेना पर, हमें गर्व है अपने वीर जवानों पर।” कार्यक्रम के दौरान 1971 युद्ध से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों, सैन्य अभियानों, पूर्वी पाकिस्तान में भारतीय सेना की निर्णायक भूमिका तथा इंदिरा गांधी के साहसिक निर्णयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह युद्ध केवल सैन्य विजय नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों, लोकतंत्र और आत्मनिर्णय के अधिकार की भी जीत था।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के नारों के साथ हुआ।
इस दौरान सम्मानित होने वाले सूबेदार गजे सिंह, सूबेदार राजेंद्र चंद चौहान (8th गढ़वाल रायफल), सूबेदार संतन सिंह रावत (ईएमई), सूबेदार चंदन सिंह रावत (MECH), सूबेदार केशर सिंह बिष्ट (AMC), सूबेदार सुरेन्द्र सिंह पटवाल, श्रीमती सुशीला देवी (पत्नी स्व. कैप्टन. प्रेम सिंह), कैप्टन. ज्ञान सिंह पुंडीर, नायक आनंद सिंह बिष्ट, सूबेदार ताजबर सिंह नेगी, सूबेदार नन्दन सिंह रावत, सूबेदार शूरवीर सिंह खेतवाल, सूबेदार अनिल वर्मा, सूबेदार दिनेश रावत सहित मौजूद रहे।
इस अवसर पर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मीना बछुवाण, कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीन रावत, संकेश्वर प्रसाद सेमवाल, धर्मपाल सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह गोसाईं, जानकी बुड़ाकोटी, ज्ञान सिंह पुंडीर, बृजपाल सिंह नेगी, ताज़बर सिंह नेगी, नंदन सिंह रावत, नीरज बहुगुणा, राजीव कपूर, सतेंद्र सिंह बिष्ट, लक्ष्मी नेगी, कमलेश्वरी देवी, विनीता भारती, शहनाज शम्सी, जितेंद्र बिष्ट, हेमचंद पंवार, सुनील सेमवाल, राकेश शर्मा, धर्मेंद्र रावत, कमल किशोर, अमित राज, सत्येंद्र सिंह नेगी, राजा आर्य, उपेंद्र सिंह नेगी, अंकुश घिल्डियाल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस जन मौजूद रहे।











