• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

2013 आपदा में बहा पुल अब तक नहीं बना, ट्रॉली के सहारे ‘मौत’ का सफर

18/02/26
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
4
SHARES
5
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
प्रदेश की भौगोलिक स्थिति ऐसी कि कब-कहां प्रकृतिक आपदा आ जाए, कहा नहीं जा सकता। विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में बरसात आमजन पर काफी भारी पड़ती है। हर बरसात में नदियों व बरसाती नालों पर बने कई पुल बह जाते हैं। पौड़ी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत व उत्तरकाशी जैसे जिलों में आपदा का सबसे बुरा असर पड़ता है। पुलों के न होने के कारण यहां आवाजाही का एकमात्र साधन ट्राली रह जाती है। केबल से बंधी इन ट्रालियों में सफर करना हर किसी के बस की बात नहीं मगर क्षेत्रवासियों के लिए यह मजबूरी है।आलम यह कि इन ट्रालियों से आज तक न जाने कितने लोगों की अंगुलियां कट चुकी हैं तो कितने जख्ती हो चुके हैं। बावजूद इसके इन इलाकों में पक्के पुल नहीं बन पाए हैं। ऐसा नहीं है कि स्थानीय प्रशासन को इनकी जानकारी नहीं, बावजूद इसके पुल फाइलों से निकलकर धरातल पर नहीं उतर पाए हैं।  आपदा के लिहाज से उत्तराखंड बड़ा ही संवेदनशील राज्य है. हर साल मॉनसून सीजन में बारिश यहां जमकर कहर बरपाती है. सीमांत जिले पिथौरागढ़ के कई क्षेत्र आज भी सड़क सुविधा से वंचित है. इन क्षेत्रों में लोग ट्रॉली और नाव के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं. सीमांत क्षेत्र में बसे घरुड़ी और मनकोट ऐसे ही गांव हैं. यहां के करीब 300 ग्रामीण आज भी जान जोखिम में डालकर तार पर लटकती ट्रॉली (गरारी) के सहारे गोरी नदी को पार करते हैं. पुल न होने के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को रोजाना नदी के ऊपर लटककर सफर करना पड़ता है. अब तक इस ट्रॉली से गिरकर तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है. उसके बाद भी हाल जस के तस बने हुए हैं. साल 2013 की भीषण आपदा में यहां बना झूला पुल बह गया था. जिसके बाद इन गांवों का संपर्क बाकी दुनिया से कट गया. राहत के तौर पर लगाई गई ट्रॉली पिछले 12 सालों से ग्रामीणों की जीवनरेखा बनी हुई है. स्थायी पुल अब तक नहीं बन सका है. घरुड़ी और मनकोट तोक गोरी नदी के उस पार बसे हैं. नदी पार किए बिना ग्रामीणों का बाकी दुनिया से संपर्क पहाड़ चढ़ने के बराबर है. इस क्षेत्र की स्थिति यह है कि राशन, दवा, स्कूल, बाजार और सरकारी कामकाज, हर जरूरत के लिए लोगों को इसी ट्रॉली का सहारा लेना पड़ता है. बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण यह सफर और भी भयावह हो जाता है. विकल्प न होने के कारण ग्रामीणों को जोखिम उठाना ही पड़ता है इस क्षेत्र की स्थिति यह है कि राशन, दवा, स्कूल, बाजार और सरकारी कामकाज, हर जरूरत के लिए लोगों को इसी ट्रॉली का सहारा लेना पड़ता है. बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव के कारण यह सफर और भी भयावह हो जाता है. विकल्प न होने के कारण ग्रामीणों को जोखिम उठाना ही पड़ता है.. ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में जब तक सुरक्षित दूसरी ओर नहीं पहुंच जाते, तब तक परिवार के लोग चिंतित रहते हैं. उन्हें नहीं पता कब तक इस तार के सहारे जीवन का यह जोखिम भरा सफर जारी रहेगा. अगर समय रहते यहां पर यहां पुल नहीं बना तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ में नहीं टिकती, ये सिर्फ एक कहावत नहीं बल्कि पहाड़ का सच है. पहाड़ से पलायन को रोकने के सरकार के लाख दावों के बावजूद हकीकत एकदम जुदा है. ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में जब तक सुरक्षित दूसरी ओर नहीं पहुंच जाते, तब तक परिवार के लोग चिंतित रहते हैं. उन्हें नहीं पता कब तक इस तार के सहारे जीवन का यह जोखिम भरा सफर जारी रहेगा. अगर समय रहते यहां पर यहां पुल नहीं बना तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.

Share2SendTweet1
Previous Post

सीएम धामी ने किया ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ

Next Post

बच्चों को सोशल मीडिया चलाने की छूट होनी चाहिए!

Related Posts

उत्तराखंड

रामकृष्ण परमहंस जयंती रामकृष्ण परमहंस मानवता के एक सच्चे पुजारी थे

February 18, 2026
3
उत्तराखंड

बच्चों को सोशल मीडिया चलाने की छूट होनी चाहिए!

February 18, 2026
5
उत्तराखंड

सीएम धामी ने किया ‘चंपावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ का शुभारम्भ

February 18, 2026
4
उत्तराखंड

उत्तराखंड ने सौर ऊर्जा स्थापना में 01 गीगावाट का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया

February 18, 2026
8
उत्तराखंड

अंतर्राष्ट्रीय महिला बॉडीबिल्डर प्रतिभा थपलियाल ने विधानसभा अध्यक्ष से की शिष्टाचार भेंट

February 18, 2026
6
उत्तराखंड

पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेन्द्र सिंह नेगी ने स्टेट व नेशनल लेवल खिलाड़ियों को किया सम्मानित

February 18, 2026
4

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67650 shares
    Share 27060 Tweet 16913
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45773 shares
    Share 18309 Tweet 11443
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38046 shares
    Share 15218 Tweet 9512
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37434 shares
    Share 14974 Tweet 9359
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37318 shares
    Share 14927 Tweet 9330

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

रामकृष्ण परमहंस जयंती रामकृष्ण परमहंस मानवता के एक सच्चे पुजारी थे

February 18, 2026

बच्चों को सोशल मीडिया चलाने की छूट होनी चाहिए!

February 18, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.