• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

कृषि भूमि की असीमित खरीद में छूट देने वाला कानून को वापस लेंः उपपा

20/12/18
in अल्मोड़ा, उत्तराखंड
194
SHARES
243
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

डीएम के माध्यम से सीएम को भेजा ज्ञापन
अल्मोड़ा। पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि भूमि की असीमित खरीद की छूट देने वाले काले कानून को तत्काल वापस लिए जाने की मांग को उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने यहां कलेक्ट्रेट में धरना दिया। इस मौके पर डीएम के माध्यम से प्रदेश के सीएम को ज्ञापन भी भेजा।

बुधवार को धरने के दौरान डीएम को दिए गए ज्ञापन में उन्होंने कहा कि बीते 8 दिसंबर को उत्तराखंड विधानसभा में पारित उत्तराखंड प्रदेश जमीदारी विनाश भूमि व्यवसाय अधिनियम 1950 अनूकूलन एवं उपांतरण आदेश 2001 में किए गए संशोधन 2018 को परित करने का घोर विरोध करते हैं। इस कानून के जिरिये सरकार ने कथित औद्योगिक निवेश को बढ़वा देने के नाम पर पूंजीपतियों, माफियाओं को असीमित कृषि भूमि खरीदने की खुली छूट प्रदान करते हुए उन्हें अकृषि करने के झंझट से मुक्त कर दिया है, जो सदियों से यहां रह रहे मूल निवासी समाज को जड़ से उखाड़ कर तितरकृबितर करने का एक सुनियोजित पड़यंत्र है और उत्तराखंड राज्य की अवधारणा के खिलाफ है। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के पीछे पर्वतीय, हिमालयी क्षेत्रों की अस्मिता की रक्षा उसकी भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुरूप स्व शासन द्वारा विकास की अवधारणा को साकार करना मुख्य उद्देश्य था। इसलिए राज्य बनने के बाद यहां की सीमित जमीनों को बचाने के लिए बाहरी लोगों को मात्र 250 वर्ग मीटर भूमि आवासीय प्रयोजन हेतु खरीद की छूट दी गई। लेकिन राजनेताओं, नौकरशाहों, माफियाओं की मिली भगत से राज्य बनने के बाद भी हजारों एकड़ भूमि पर स्वार्थी तत्वों, सत्ता के बरीबियों का कब्जा हो गया हैं। प्राकृतिक संसाधनों जल, जंगल, जमीन की इस लूट के कारण उत्तराखंड के मूल व स्थाई निवासी तेजी से कंगाल हो रहे हैं और हम अपनी ही जमीनों पर धनपतियों द्वारा बनाए गए बंगलों में चैकीदार बनकर गुलामी करने अथवा पलायन को मजबूर हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि शर्म की बात है कि राज्य बनने के बाद सत्ता में बैठे लोगों ने सोचीकृसमझी साजिश से भूमि सुधार, भूमि बंदोबश्त, चैकबंदी जैसे आवश्यक कदम नहीं उठाये। वरन् सत्ता के पिछले दरवाजे से याहं की भूमिहीनों, आपदा पीड़ितों, विस्थापितों का हक मारकर जमीनों की लूट को बढ़ावा दिया गया जो चिंता का विषय है। इसी वर्ष 06 अक्टूबर को कथित इंवैस्टर सम्मिट के एक दिन पहले आपकी सरकार ने अध्यादेश लाकर और अब इसी अध्यादेश को विधानसभा में पारित कर यह साबित कर दिया है कि आपकी डबल इंजन की सरकार की सोच ऐसे प्रापर्टी डीलरों जैसी है, जिन्हें अपने गांव, जन्मभूमि, मातृकृभूमि से कोई भावात्मक सरोकार नही होता। जनता के प्रतिनिधित्व का दावा करने वाले पक्षकृविपक्ष द्वारा बिना जरूरी बहस के ऐसे काले कानून को पारित करने वाले विधायकों के आचरण पर भी यह निर्णय एक बड़ा प्रश्न चिन्ह है।

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने मांग की है कि पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि भूमि की खरीद के लिए बनाए गए इस काले कानून को तत्काल निरस्त करने एवं उत्तराखंड में हिमांचल प्रदेश की तरह भूकृकानून लागू करने, पर्वतीय क्षेत्रों में तत्काल भूमि बंदोबस्त कर चकबंदी लागू करने, कृषि भूमि पर वास्तविक रूप से करने वाले किसानों के हितों का संरक्षण करने, राज्य बनने के बाद राज्य में जल, जंगल, जमीन पर कानूनी गैर कानूनी रूप से हुए कब्जों, बंदरबांट को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। साथ ही मांग पूरी न होने पर उत्तराखंड की जनता से मिलकर इस काले कानून को रद्द कराने के लिए व्यापक जन अभियान शुरू करने को बाध्य होंगे। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज्ञापन देने वालों व धरने में प्रकाश उनियाल, वंदना कोहली, रंजना सिंह, मनोज कुमार पंत, अंकिता पपनै, कुंदन सिंह भोज, जीवन चंद्र, ईश्वर जोशी, लक्ष्मी देवी, बीना बजाज, देवी लाल साह, रेखा धस्माना, पूरन सिंह मेहरा, चंपा सुयाल, राजू गिरी, आनंदी वर्मा, गोविंद सिंह मेहरा आदि मौजूद थे।

Tags: law-agriculture-land-purchage
Share78SendTweet49
Previous Post

ग्यारह किलो अवैध गांजे के साथ दो धरे, वाहन सीज

Next Post

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को जन्मदिन की शुभकामना

Related Posts

उत्तराखंड

बिष्ट के कार्यकाल में शहीद मेले को चार-चांद लगे

January 14, 2026
27
उत्तराखंड

बीता सालः घटनाओं ने बदली उत्तराखंड की दिशा

January 14, 2026
7
उत्तराखंड

श्रीमती वीना तिवारी लोक संस्कृति की अडिग प्रहरी श्रीमती वीना तिवारी

January 14, 2026
6
उत्तराखंड

डोईवाला: एसडीआरएफ मुख्यालय में युवा आपदा मित्र प्रशिक्षण का सातवां बैच पूर्ण

January 13, 2026
3
उत्तराखंड

लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए स्थानीय स्तर पर मेलों का आयोजन बेहद जरूरी

January 13, 2026
6
उत्तराखंड

सेहत के लिहाज से अहम हैं उत्तराखंड के जंगली फल

January 13, 2026
5

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67582 shares
    Share 27033 Tweet 16896
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45769 shares
    Share 18308 Tweet 11442
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38040 shares
    Share 15216 Tweet 9510
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37430 shares
    Share 14972 Tweet 9358
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37312 shares
    Share 14925 Tweet 9328

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

बिष्ट के कार्यकाल में शहीद मेले को चार-चांद लगे

January 14, 2026

बीता सालः घटनाओं ने बदली उत्तराखंड की दिशा

January 14, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.