• About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact
Uttarakhand Samachar
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल
No Result
View All Result
Uttarakhand Samachar
No Result
View All Result

देहरादून की हवाओं में घुल रहा जहर!

22/06/25
in उत्तराखंड, देहरादून
Reading Time: 1min read
18
SHARES
22
VIEWS
Share on FacebookShare on WhatsAppShare on Twitter
https://uttarakhandsamachar.com/wp-content/uploads/2025/11/Video-60-sec-UKRajat-jayanti.mp4

डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून हमेशा से अपने मौसम के लिए जानी जाती है. यहां का मौसम कुछ ऐसा है कि जरा सी गर्मी पड़ते ही बारिश लोगों को राहत दे देती है. देहरादून के राजपुर रोड से मसूरी की तरफ जाने वाली सड़क हो या फिर घंटाघर से जौलीग्रांट एयरपोर्ट की तरफ जाने वाले मार्ग, शहर का हर कोना हरा भरा होने की वजह से भी यहां वायु प्रदूषण बेहद कम रहता है. यही कारण है कि जो भी देहरादून आता है वह यहां के मौसम को भूल नहीं पता, मगर बीते कुछ सालों से बाहर से आने वाली गाड़ियों की वजह से देहरादून की आबोहवा जहरीली हो रही है.  यहां की सुकून देने वाली गालियां, शांत वादियां साफ सुथरी हवा हर किसी को पसंद आती हैं, मगर जिस तरह से राजधानी देहरादून में रोजाना सड़कों पर लंबे-लंबे जाम लग रहे हैं वह किसी को परेशान करने वाला है. मसूरी और गंगोत्री यमुनोत्री जाने वाली गाड़ियों को शहर से निकाला जा रहा है. उससे देहरादून में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है. प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के आंकड़े बताते हैं के बीते महीने मई में शनिवार और रविवार के हर दिन पीएम-10 ( पार्टिकुलेट मैटर 10 ) 50 और कार्बन मोनो ऑक्साइड 6 से ऊपर तक पहुंचा. 10 मई के दिन पीएम- 10 46 तक पहुंच गया. 24 तारीख को शनिवार के दिन उसका स्तर 50 तक पहुंचा. इसके साथ ही 25 मई को कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा 6 तक पहुंचा. जून महीने में भी कुछ ऐसे ही हालात रहे. 1 जून रविवार को पीएम- 10 79 तक पहुंचा. 7 जून को 73 और 15 जून को इसका स्तर 60 रहा. कार्बन मोनोऑक्साइड 15 तक पहुंचा. 21 जून को पीएम-10. 57 रहा. कणीय पदार्थ जो 10 माइक्रोन (बहुत छोटे) या उससे छोटे होते हैं. ये हवा में उड़ते हुए बहुत बारीक धूल, मिट्टी, धुएं या राख के कण होते हैं. ये इतने छोटे प्रदूषण के कण होते हैं कि हम जब सांस लेते हैं तो हमारी सांस के साथ ये हमारे अंदर चले जाते हैं. ये हमारे फेफड़ों पर सीधा असर करते हैं. ये अक्सर गाड़ियों के धुएं, निर्माणकार्य और सड़कों पर अधिक गाड़ियों के दौड़ने से भी बढ़ता है. कारखाने भी इसकी एक बढ़ने की बड़ी वजह होते हैं .इससे सांस लेने में तकलीफ, खांसी, जुखाम और अस्थमा जैसी बीमारी होती है. कार्बन मोनोऑक्साइड एक बिना रंग और गंध वाली जहरीली गैस होती है. अब सवाल आता है की ये कहां से आती है. इसको भी सरल भाषा में ऐसे समझा जा सकता है. ये पेट्रोल, डीजल, घर की रसोई में गर्म होने वाला तेल भी इसकी वजह है. इसके साथ ही धुएं से अधजली वस्तुओं और अन्य कई कारणों से पैदा होती है. ये भी शरीर के लिए बेहद हानिकारक है. इससे अधिकांश खून में दिक्क्त और शरीर में कई तरह की समस्या आ सकती है.  लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण से न केवल शहर की आबोहवा खराब हो रही है बल्कि लोगों की सेहत पर भी इसका बेहद दुष्प्रभाव पड़ रहा है. राज्य का परिवहन विभाग वायु प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है. अधिक संख्या में रोजाना दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों से यहां पर गाड़ियां आ रही हैं, सबकी चेकिंग करना शायद संभव नहीं है, लेकिन फिर भी परिवहन विभाग काम में लगा है. आंकड़ों के हिसाब से वायु प्रदूषण फैलाने वाले 650 से अधिक वाहनों को पकड़कर उनके ऊपर कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई के तहत 2 करोड़ रुपए जुर्माना भी वसूला गया है. देहरादून आरटीओ कहते हैं राजधानी में दाखिल होने वाले वाहनों को चेक किया जाता है. लगातार प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं. उन्होंने कहा शहर की आबोहवा साफ रहे ये सभी की जिम्मेदारी है. आंकड़ों के हिसाब से वायु प्रदूषण फैलाने वाले 650 से अधिक वाहनों को पकड़कर उनके ऊपर कार्रवाई की गई है. इस कार्रवाई के तहत 2 करोड़ रुपए जुर्माना भी वसूला गया है. देहरादून आरटीओ कहते हैं राजधानी में दाखिल होने वाले वाहनों को चेक किया जाता है. लगातार प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं. उन्होंने कहा शहर की आबोहवा साफ रहे ये सभी की जिम्मेदारी है. पार्टिकुलेट मैटर के जरिए वायुमंडल में धूल मिट्टी के कणों की स्थिति को जाना जाता है. इस तरह साफ है कि वायुमंडल में धूल मिट्टी समेत दूसरे कणों की काफी ज्यादा अधिकता है और बारिश ना हो पाने के कारण यह कारण लगातार वायुमंडल में बने हुए हैं. जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधित तमाम दिक्कतें आने की संभावना है. दरअसल बारिश न होने के कारण मैदानी क्षेत्रों में यह कारण हवा में बने रहते हैं और सांस लेने के दौरान शरीर में प्रवेश कर जाते हैं. जबकि यदि बारिश समय पर होती है तो इससे यह कारण सभी बारिश के साथ जमीन में आ जाते हैं और इससे वायुमंडल में प्रदूषण भी कम हो जाता है. पिछले छह सालों में पीएम 2.5 और पीएम 10 की सांद्रता में मामूली सुधार हुआ है, लेकिन वे अभी भी डब्ल्यूएचओ और भारत सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षित श्रेणी के स्तर से अधिक हैं. SO2 और NO2 का स्तर भारतीय मानकों के अनुरूप बना हुआ है, जिससे आंख और गले में जलन, श्वसन संबंधी समस्याएं और हृदय और फेफड़ों की बीमारियां होने का खतरा बना हुआ है.दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से वीकेंड में यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है. यातायात में इस विस्फोट के कारण, खासकर पर्यटक आकर्षण के केंद्र और मुख्य सड़कों के पास, लगातार भीड़भाड़ की स्थिति बनी हुई है, जिससे प्रदूषण और भी बढ़ गया है और वायु गुणवत्ता में गिरावट आई है. हाल ही में आई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने कनेक्टिविटी में से लोगों का देहरादून पहुंचना आसान हुआ है, जिससे वीकेंड में पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी जा रही है. राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की कमी के कारण निवासियों और आगंतुकों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे प्रदूषण का बोझ और भी बढ़ जाता है. उत्तराखंड के लिए पर्यटन एक दोधारी तलवार बना हुआ है. यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देता है, लेकिन इससे सालाना लाखों टन ठोस कचरा भी जमा होता है, जो जल संसाधनों पर दबाव डालता है और बाढ़, भूस्खलन और बढ़ते तापमान जैसी जलवायु संबंधी समस्याओं को बढ़ाता है. कुछ महीनों की रिसर्च में पता चला है कि छुट्टियों के दौरान दून में वाहनों की संख्या बढ़ने से वायु प्रदूषण का स्तर पहले की अपेक्षा बढ़ गया है. वीकेंड में शामिल शनिवार और रविवार को तो पॉल्यूशन लेवल हफ्ते के अन्य दिनों का रिकार्ड तोड़ देता है. पहाड़ों की रानी मसूरी का एयर क्वालिटी इंडेक्स बीते दिन 118 रहा, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि गाड़ियों की बढ़ती आवाजाही की वजह से वादियों की फिजायें ज़हरीली होने लगी हैं.राज्य सरकार ने इकोटूरिज्म को एक स्थायी विकल्प के रूप में बढ़ावा दिया है. हरियाली के नुकसान, विशेष रूप से सड़क चौड़ीकरण और रियल एस्टेट विकास के कारण शहर में प्रदूषण पहले की अपेक्षा ज्यादा खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. नुकसान को कम करने के लिए देहरादून को एक बहुआयामी रणनीति की आवश्यकता है. सार्वजनिक परिवहन में निवेश, बेहतर यातायात प्रबंधन और जन जागरूकता अभियान के साथ ही शहर में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को भी लागू करना चाहिए और पर्यटन सीजन के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में वाहनों की पहुंच को सीमित करना चाहिए. *लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं।*

Share7SendTweet5
Previous Post

डोईवाला: राज्य आंदोलनकारियों को किया सम्मानित

Next Post

कार्यशाला: व्यापारियों को मिली कर प्रणाली की गहन जानकारी

Related Posts

उत्तराखंड

उत्तराखंड में जलस्रोत पर गंभीर संकट

February 12, 2026
4
उत्तराखंड

ग्यारह आईएएस-पीसीएस अफसरों के विभाग बदले

February 12, 2026
41
उत्तराखंड

राज्य आंदोलनकारियों की पेंशन बढ़ोतरी का शासनादेश जारी

February 12, 2026
23
उत्तराखंड

1203.40 लाख रुपये की लागत से सहसपुर में सड़क चौड़ीकरण के द्वितीय चरण का शिलान्यास

February 12, 2026
8
उत्तराखंड

क्राइम: बाथरूम से नलके भी चोरी कर ले गए

February 12, 2026
21
उत्तराखंड

दहेज हत्या का आरोप: पति सहित पांच पर मुकदमा दर्ज

February 12, 2026
134

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Popular Stories

  • चार जिलों के जिलाधिकारी बदले गए

    67644 shares
    Share 27058 Tweet 16911
  • डोईवाला : पुलिस,पीएसी व आईआरबी के जवानों का आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण सम्पन्न

    45771 shares
    Share 18308 Tweet 11443
  • ऑपरेशन कामधेनु को सफल बनाये हेतु जनपद के अन्य विभागों से मांगा गया सहयोग

    38043 shares
    Share 15217 Tweet 9511
  •  ढहते घर, गिरती दीवारें, दिलों में खौफ… जोशीमठ ही नहीं

    37432 shares
    Share 14973 Tweet 9358
  • विकासखंड देवाल क्षेत्र की होनहार छात्रा ज्योति बिष्ट ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

    37317 shares
    Share 14927 Tweet 9329

Stay Connected

संपादक- शंकर सिंह भाटिया

पता- ग्राम एवं पोस्ट आफिस- नागल ज्वालापुर, डोईवाला, जनपद-देहरादून, पिन-248140

फ़ोन- 9837887384

ईमेल- shankar.bhatia25@gmail.com

 

Uttarakhand Samachar

उत्तराखंड समाचार डाॅट काम वेबसाइड 2015 से खासकर हिमालय क्षेत्र के समाचारों, सरोकारों को समर्पित एक समाचार पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से हम मध्य हिमालय क्षेत्र के गांवों, गाड़, गधेरों, शहरों, कस्बों और पर्यावरण की खबरों पर फोकस करते हैं। हमारी कोशिश है कि आपको इस वंचित क्षेत्र की छिपी हुई सूचनाएं पहुंचा सकें।
संपादक

Browse by Category

  • Bitcoin News
  • Education
  • अल्मोड़ा
  • अवर्गीकृत
  • उत्तरकाशी
  • उत्तराखंड
  • उधमसिंह नगर
  • ऋषिकेश
  • कालसी
  • केदारनाथ
  • कोटद्वार
  • क्राइम
  • खेल
  • चकराता
  • चमोली
  • चम्पावत
  • जॉब
  • जोशीमठ
  • जौनसार
  • टिहरी
  • डोईवाला
  • दुनिया
  • देहरादून
  • नैनीताल
  • पर्यटन
  • पिथौरागढ़
  • पौड़ी गढ़वाल
  • बद्रीनाथ
  • बागेश्वर
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • राजनीति
  • रुद्रप्रयाग
  • रुद्रप्रयाग
  • विकासनगर
  • वीडियो
  • संपादकीय
  • संस्कृति
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • साहिया
  • हरिद्वार
  • हेल्थ

Recent News

उत्तराखंड में जलस्रोत पर गंभीर संकट

February 12, 2026

ग्यारह आईएएस-पीसीएस अफसरों के विभाग बदले

February 12, 2026
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Cookie Policy
  • Terms & Conditions
  • Refund Policy
  • Disclaimer
  • DMCA
  • Contact

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • Home
  • संपादकीय
  • उत्तराखंड
    • अल्मोड़ा
    • उत्तरकाशी
    • उधमसिंह नगर
    • देहरादून
    • चमोली
    • चम्पावत
    • टिहरी
    • नैनीताल
    • पिथौरागढ़
    • पौड़ी गढ़वाल
    • बागेश्वर
    • रुद्रप्रयाग
    • हरिद्वार
  • संस्कृति
  • पर्यटन
    • यात्रा
  • दुनिया
  • वीडियो
    • मनोरंजन
  • साक्षात्कार
  • साहित्य
  • हेल्थ
  • क्राइम
  • जॉब
  • खेल

© 2015-21 Uttarakhand Samachar - All Rights Reserved.