हेमकुण्ड साहिब-ंलोकपाल का मार्ग खोलने पंहूचे सेना के जवान। 6से 10फीट
तक ग्लेशियर काट कर मार्ग बनाने की चुनौती। इस वर्ष को 10 मई को खुलने है
हेमकुंड साहिब-ंलोकपाल के कपाट।
प्रकाश कपरूवाण : जोशीमठ।
सिखों के पवित्र धाम हेमकुण्ड साहिब एवं लोकपाल तीर्थ आगामी 10मई को खुलेंगे, लेकिन अभी भी अटलाकोटी से लेकर हेमकुंड साहिब तक दो से आठ फीट तक बर्फ की मोटी चादर बिछी है। अटलाकेाटी ग्लेशियर ही 4से 8फीट तक की ऊॅचाई का है। इस ग्लेशियर को काटकर ट्रैक तैयार करना सेना के लिए भी कम चुनौती नही है। सेना का 19 सदस्यीय दल ग्लेशियर काटने व मार्ग तैयार करने मे जुट गई है। हेमकुंड साहिब मैनेजमेंन्ट ट्रस्ट के मुख्य प्रबंन्धक सरदार सेवा सिंह के अनुसार हेमकुंड साहिब मे अभी भी 6से 7फीट तक बर्फ की परत जमी है।
सेना की 418 इंजीनियर कपंनी के सुबेदार जगसीर सिंह के नेतृत्व मे हेमकुंड साहिब पंहुच गई है, इस टीम मे सिख रेेजीमेन्ट के भी 12 जवान शामिल है। जवानो ने ग्लेशियर काटकर ट्रैक रूट बनाने व हेमकुंड साहिब से बर्फ हटाने का कार्य शुरू कर दिया है, और पूरी उम्मीद है कि 10 मई प्रकाशोत्सव से पूर्व आवाजाही के लिए तैयार कर लिया जाऐगा। श्री सेवा सिंह ने बताया कि 15सेवादारों का दल भी घाॅधरिया पंहुच गया है। हेमकुंड साहिब तक का ट्रैक मार्ग तैयार होते ही सेवादारों का दल हेमकुंड साहिब पंहुचेगा।
गौरतलब है कि गत वर्ष कोविड-ं19 के कारण यात्रा प्रभावित रही। गत वर्ष 4सितम्बर को हेमकुंड साहिब के कपाट खुले थे और 10 अक्टूबर को कपाट बंन्द हो गए थे। इस दौरान धाम में साढ़े आठ हजार श्रद्धालु ही पंहुच सके।\










