
डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। डोईवाला, भानियावाला समेत आसपास के क्षेत्रों की दुकानों पर राजधानी देहरादून, ऋषिकेश और अन्य जगहों से आने वाले व्यापारी खाद्य सामग्री को एफएसएसएआई मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए सप्लाई कर रहे हैं, जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। दरहसल, बुधवार को देहरादून स्थित एक फूड लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों को डोईवाला बाजार में प्रतिबंधित प्लास्टिक पॉलिथिन की थैलियों में खुला टोफू/पनीर सप्लाई करते हुए देखा गया। बड़ी प्लास्टिक थैलियों में 10–20 किलोग्राम टोफू के टुकड़े रखे हुए थे, जिन्हें कर्मचारी बिना किसी स्वच्छता मानक का पालन किए दुकानों में दे रहे थे। खुली थैलियों में धूल, मिट्टी, कंकड़ और कीड़ों के संपर्क की पूरी संभावना थी, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। उक्त उत्पादों पर किसी प्रकार का लेबल, पैकेजिंग, निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि, बैच नंबर या एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर अंकित नहीं था, जो कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अनुसार पूरी तरह गैरकानूनी है। एफएसएसएआई नियमों के मुताबिक किसी भी प्रकार के प्रोसेस्ड फूड को खुली प्लास्टिक पॉलिथिन में बेचना अस्वच्छ माना जाता है तथा यह फूड एडल्टरेशन (मिलावट) की श्रेणी में भी आ सकता है। जब कुछ जागरूक उपभोक्ताओं ने कंपनी के कर्मचारियों से सप्लायर लाइसेंस और मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस दिखाने की मांग की, तो वे कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिससे नियम उल्लंघन की पुष्टि होती है। खाद्य पूर्ति अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि दुकानों में खाद्य सामग्री बेचने के लिए एफएसएसएआई लाइसेंस अनिवार्य है। किसी भी खाद्य पदार्थ की पैकिंग सही ढंग से सील्ड होनी चाहिए और उस पर लेबल, बैच नंबर, एक्सपायरी तिथि एवं निर्माण तिथि स्पष्ट रूप से अंकित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री का परिवहन भी स्वच्छ एवं हाइजीनिक तरीके से होना चाहिए। यदि क्षेत्र में कोई सप्लायर इस प्रकार से खुले में खाद्य सामग्री बेचता पाया गया, तो उसके खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि खुली प्लास्टिक थैलियों में टोफू या पनीर बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित है।












