कुमाँऊ विश्वविद्यालय के डीन प्रो० एल०एस० लोधियाल को दून विश्वविद्यालय के डा० हरिश चन्द्र अन्डोला द्वारा नई शिक्षा नीति पर, रसायन विज्ञान, हिमालय जड़ी बूटीयों एवं मोटे अनाज पर आधारित पुस्तकों के बारे में जानकारी प्रदान की गयी। जिसे लेखकों प्रो० विजय कान्त पुरोहित निदेशक हैप्रिक, प्रो० विपिन जोशी केन्द्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर व डा० सुरेश द्वारा लिखित है। डा० अन्डोला द्वारा बताया गया कि यह पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी, पूर्व सलाहकार उच्च शिक्षा महामहिम की प्रेरण का प्रतिफल के कारण सम्भव हो पाया है। एम०एस०एम० रावत, प्रो० के०डी० पुरोहित उच्च शिक्षा उन्न्यन समिति के उपाध्यक्ष डा० देवेन्द्र भसीन, प्रो० दुर्गेश पन्त, डी०जी० यूकास्ट दून विश्वविद्यालय
कुलपति, कुलसचिव कुमाँऊ विश्वविद्यालय, सोबन सिंह जीना, मुक्त विश्वविद्यालय के डा० अन्डोला ने देव भूमि विचार मंच के डा० कैलाश अन्डोला एवं डॉ बृजेश बनकोटी कुनाल बुक पब्लिशर, प्रेम सिंह बिष्ट, समय साक्ष्य के प्रवीण भटट, हेमपन्त म्यार पहाड़ म्यार पच्छांण परिवार का आभार व्यक्त किया गया। कुलपति, कुलसचिव, पर्यावरण विभाग के प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं समस्त छात्र-छात्राओं का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति, उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष प्रो. देवेंद्र भसीन, उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व सलाहकार रूसा प्रो. एम.एस.एम. रावत, प्रो. के.डी. पुरोहित, प्रो. विपिन चंद्र जोशी, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. आनंद सिंह उनियाल, उप निदेशिका डॉ. ममता नैथानी सहित अनेक शिक्षाविदों एवं अधिकारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
डॉ. अंडोला ने यू-कॉस्ट के महानिदेशक श्री दुर्गेश पंत, पूर्व कुलपति प्रो. सोबन सिंह जीना, आईसीएआर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वीरेन्द्र सिंह राणा, भारतीय वन सेवा के डॉ. चंद्रशेखर सनवाल, देवभूमि विचार मंच के श्री कैलाश अंडोला, उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री के.आर. भट्ट, जी.बी. पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, कोसी अल्मोड़ा के निदेशक सहित सभी सहयोगियों का आभार जताया।
इसके अतिरिक्त उन्होंने ‘युगबाणी’ के मुख्य संवाददाता श्री जगमोहन रौतेला, विभिन्न शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, एम्स ऋषिकेश से जुड़े प्रतिनिधियों, कुनाल पब्लिकेशन के प्रकाशक श्री प्रेम सिंह बिष्ट तथा ‘मेरा पहाड़ मेरी पहचान’ से जुड़े सहयोगियों के प्रति भी धन्यवाद प्रकट किया।












