ज्योतिर्मठ।
लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 2016-17मे सीमांत ब्लॉक जोशीमठ के पैनखंडी समुदाय को राज्य स्तरीय ओबीसी की श्रेणी मे शामिल किया गया, लेकिन तब से दस वर्ष बीतने के बाद भी पैनखंडा जोशीमठ को ओबीसी की केंद्रीय सूची मे शामिल नहीं किया गया, लगातार पत्राचार के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं होने से नाराज सीमांवासियों ने अब पुनः संघर्ष की ओर कदम बढ़ा दिया है।
सोमवार को ब्लॉक सभागार मे पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष भरत सिंह कुंवर की अध्यक्षता मे हुई बैठक मे ओबीसी आरक्षण लागू किए जाने के लिए किए गए संघर्ष व आमरण अनशन को याद करते हुए ओबीसी की केंद्रीय सूची मे शामिल होने के लिए पुनः आंदोलन की रूप रेखा तय की गई।
बैठक मे जोशीमठ विकास खण्ड की सभी पांचो न्याय पंचायतों के लिए अलग अलग समन्वय समितियों का गठन करते हुए नगर के सभी नौ वार्डों के लिए भी संपर्क समितियों का गठन किया गया, सभी समितियों से 27फरवरी से से पूर्व प्रत्येक न्याय पंचायत एवं वार्डों मे बैठक कर 27फरवरी को प्रस्तावित विशाल आंदोलन के के लिए जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आवहान किया गया।
सीमांत विकास खण्ड जोशीमठ को ओबीसी की राज्य स्तरीय सूची मे शामिल करने के बाद इन दस वर्षो मे पैनखंडी नौनिहालों को राज्य स्तरीय सेवाओं एवं मेडिकल कॉलेज मे प्रवेश का लाभ तो मिला लेकिन पिछले दस वर्षो से केंद्रीय ओबीसी के लाभ से वंचित हैं।
पिछले दस वर्षो से राज्य सरकार द्वारा पैनखंडा जोशीमठ को ओबीसी की केंद्रीय सूची मे शामिल किए जाने का प्रस्ताव ही केन्द्र को नहीं भेजा जा रहा है, जिससे गुस्साए सीमांत वासियों ने 27फरवरी को विशाल आंदोलन का निर्णय लिया है।
बैठक मे पालिकध्यक्ष देवेश्वरी साह, ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी, प्रधान संघ के अध्यक्ष मोहन लाल बजवाल, पूर्व प्रधान किशोर कनियाल, हीरा सिंह पंवार के अलावा भगवती प्रसाद नंबूरी,अजीत पाल रावत, राकेश भण्डारी, सुखदेव पैनखंडी, बलबीर सिंह रावत, समीर डिमरी,प्रकाश नेगी, ओम प्रकाश डोभाल, दिगम्बर सिंह,रविंद्र थपलियाल, जेपी भट्ट, नगर पालिका सभासद प्रवेश डिमरी, जयदीप मंन्द्रवाल व दीपक साह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।












