*शहरों में माल्टा महोत्सव, पहाड़ों में किसान परेशान!*
*₹10 समर्थन मूल्य जो ढुलाई खर्च से भी कम है।*
*नतीजा: माल्टा सड़ रहा है, किसान टूट रहा है।*
*किसान मंच इन दिखावटी माल्टा महोत्सवों का खुला बहिष्कार करता है।*
*चेतावनी साफ़ है*
*अगला माल्टा महोत्सव किसानों के घरों में होगा, शहरों में नहीं।*
*पहाड़ों में ही माल्टा प्रसंस्करण हो*
*जैम–जूस–कैंडी गांवों में बनें*
*तभी शहरों तक पहुँचे पहाड़ का माल्टा*
*माल्टा बचेगा, किसान बचेगा*
*किसान बचेगा, पहाड़ बचेगा*
*किसान मंच – पहाड़ के किसान की आवाज़ का मंच*











