उत्तराखंड कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के समक्ष राज्य की भाजपा सरकार पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए ऑनलाइन व मोबाइल ऐप इ-विजल तथा फ़ैक्स के जरिये अपनी शिकायत दर्ज कराई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रेस से वार्ता करते हुए राज्य सरकार पर आचार संहिता की धज्जियां उढ़ाने का आरोप लगाया। राज्य सरकार पर आचार संहिता उल्लंघन के कई आरोप कई विभागों में नियुक्तियों, आबकारी पदोन्नत्ति सहित कई सवाल उठाए।
कांग्रेस उपाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार ने एक बयान जारी कर कहा कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 राज्य सरकार द्वारा लगातार आदर्श चुनाव आचार संहिता का लगातार उलंघन किया जा रहा है। उन्होंने बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति, राज्य बाल आयोग, राज्य महिला आयोग में अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति, आबकारी विभाग में अधिकारियों के स्थानांतरण एवं मदिरा के ठेके, शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भारी नियुक्ति व स्थानांतरण, सहकारिता विभाग में नियुक्ति व स्थानांतरण जो कि आदर्श आचार संहिता का उलंघन करते हुए किये गये हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से अपील की कि संबंधित सभी दस्तावेज कब्जे में ले, सभी संलिप्त अधिकारियों को चुनाव कार्यों से विमुक्त रखा जाए।
उनका आरोप है कि राज्य सरकार ने आदर्श आचार संहिता का उलंघन करते हुए बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति में अध्यक्ष व अन्य सदस्यों की नियुक्ति की है, आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद यह किया गया है। चुनाव आयोग समस्त दस्तावेज अपने कब्जे में ले व स्वंतंत्र निष्पक्ष चुनाव कराने हेतु उपरोक्त समस्त नियुक्तियां रद करते हुए संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्यो से विमुक्त रखा जाए।
राज्य बाल आयोग में भी अध्यक्ष व सदस्यगणों की नियुक्ति रद की जाए व संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्यों से विमुक्त रखा जाए।
राज्य महिला आयोग में अध्यक्ष व सदस्यगणों की नियुक्तियों को रद्द किया जाए व संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्यो से विमुक्त रखा जाए।
राज्य आबकारी आयुक्त को भी आदर्श आचार संहिता का उलंघन करते हुए लागू होने के बाद स्थाननन्तरित किया गया व आबकारी संबंधित व्यापारिक समझौते व टेंडर आदि निर्गत किये गए आबकारी आयुक्त का स्थानांतरण को रद्द करते हुए उनके द्वारा किएगए आदेशो को भी रद्द करते हुए समस्त दस्तावेज चुनाव आयोग अपने कब्जे में ले।
शिक्षा विभाग में शिक्षक, कर्मचारियों की भारी नियुक्तियां आदर्श आचार संहिता का उलंघन करते हुए की गई है।
सहकारिता विभाग में भी भारी मात्रा में नियुक्तियां की गई गयी हैं। चुनाव आयोग सभी नियुक्तियों व स्थानांतरण को रद्द करते हुए संबंधित अधिकारियों को चुनाव चुनाव कार्यो से विमुक्त रखा जाये व समस्त दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले।
ऊर्जा विभाग में भी नियुक्तियां ए स्थानांतरण व पदोनोति भी आदर्श आचार संहिता का उलंघन की गई है। समस्त नियुक्तियों, स्थानांतरण व पदानोति को रद्द करते हुए चुनाव आयोग समस्त दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले व संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्यो से विमुक्त रखा जाय।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से नियुक्तियों को रद्द करने की माँग करते कहा कि स्थानांतरण को रद्द करते हुए समस्त दस्तावेज को चुनाव आयोग अपने कब्जे में ले व संबंधित अधिकारियों को चुनाव कार्यो से विमुक्त रखा जाय ।
यह भी अनुरोध किया है कि है कि उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 को स्वतंत्र व निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने हेतु राज्य सरकार को आदर्श आचार संहिता का उलंघन करने से तत्काल रोका जाए व आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य सरकार द्वारा किये गए उपरोक्त सभी नियुक्तियांए स्थानांतरणए पदोनोत्ति आदि जो भी किये है उनको तत्काल प्रभाव से रद्द करते हुए समस्त दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर न्यायहित में स्वतंत्र निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने हेतु संबंधित अधिकारियों को चुनाव से विमुक्त रखा जाए।











