फोटो- प्रकृति की गोद मे बसा घाॅधरियाॅ जिसके घ्वस्तीकरण का फरमान हुआ जारी।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। घाॅघरियाॅ से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए डीएफओ नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क ने जिला मजिस्ट्रेट से फोर्स की मांग की। कुछ ग्रामीण न्यायालय की शरण में भी पंहुचे। बेदखली के आदेश के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोष है। क्षेत्रीय विघायक से भेंट कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। राजस्व ग्राम घोषित कराने का आग्रह किया। भ्यूॅडार के पूर्व प्रधान प्रताप सिंह चैाहान व जगदीश सिंह चैहान ने विधायक से मुलाकात कर घाॅधरिया को बचाने की गुहार लगाई। कोरोनाकाल में घाॅघरिया से बेदखली के फरमान के बाद भ्यॅूडार वैली में उबाल है। आंदोलन व न्यायालय की शरण में जाने को विवश हैं ग्रामीण। वन महकमे के रवैये से आक्रोषित है ग्रामीण।
वर्ष 2013 की भीषण आपदा के बाद हेमकुंड साहिब-लोकपाल तथा फूलों की घाटी के मुख्य पडाव घाॅघरिया में व्यवसाय कर किसी तरह आपदा के दंश से उबर रहे भ्यॅूडार वैली के ग्रामीणों पर अब घाॅधरिया से बेदखली की तलवार लटक गई है। नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क द्वारा वकायदा सरकारी विज्ञिप्त प्रकाशित करते हुए उत्तरखंड उच्च न्यायालय का हवाला दिया गया है। और स्पष्ट लिखा गया है कि उच्च न्यायालय के निर्देश व भारतीय वन अधिनियम की धाराओं का उपयोग करते हुए अवैध अध्यासन की कार्यवाही प्रांरभ कर दी गई है। और प्रबंधक हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट सहित 49 लोगांे की सूची भी जारी कर दी है। जिनको बेदखल किया जाना है। बेदखली की विज्ञप्ति प्रकाशित होने की खबर लगते ही भ्यॅूडार वैली मे भारी आक्रोष है।
दरसअल सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब, हिंदुओं के पवित्र तीर्थ लक्ष्मण मंदिर-लोकपाल तथा विश्व धरोहर फूलों की घाटी का मुख्य पडाव ही घाॅधरिया है। यह स्थान हेमकुंुड साहिब व फूलों की घाटी पंहुचने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए एकमात्र आवासीय स्थान है। इसीलिए जैसे-जैसे इन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या बढती गई। यहाॅ के निवासियों ने भी अपनी छानियों को पक्के निर्माण में तब्दील करना शुरू किया। लेकिन तब किसी भी प्रकार की कोई रोक-टोक किसी भी स्तर से नहीं हुई। लेकिन बीते वर्षों में किसी संस्था द्वारा उत्तराखंड उच्च न्चायालय में याचिका दायर करने के बाद यहाॅ के निवासियांे के सामने बेदखली का खतरा मंडराने लगा। वन महकमे पर उच्च न्यायालय के निर्देशो के पालन की बाध्यता हो सकती हैं, लेकिन कोरोना काल मे जब उच्च न्यायालय मे भी नियमित कामकाज नही हो पा रहे है तो अचानक ऐसा फरफान जारी करने की पीछे क्या मंशा हो सकती है यह समझ से परे है। हाॅलाकि वन विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति मे स्पष्ट किया है कि नवबर 2019 में आरक्षित वन भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को रिक्त करने का नोटिस भी जारी किया गया था।
हाॅलाकि घाॅधरिया में भ्यॅूडार के ग्रामीणों के गौचर,पनघट व छानिया तब से ही मौजूद रही हैं, जब हेमकुंड साहिब प्रगट भी नही हुए थे। क्योकि फूलों की घाटी व लोकपाल तीर्थ में स्थानीय लोगों व प्रकृति प्रेमी पर्यटकांे का आवागमन यदा-कदा होता ही था। और भ्यॅूडार/पुलना के ग्रामीण ग्रीष्म काल में अपने पशुओं के संग घाॅधरिया मे ही जीवन यापन करते थे। बाद के वर्षो मे हेमकुंड साहिब की यात्रा बढने व फूलों की घाटी का व्यापक प्रचार-प्रसार होने के बाद इन क्षेत्रों मे श्रद्धालुओं व पर्यटकों की संख्या बढने लगी और भ्यूॅडार वैली के ग्रामीणों ने अपनी छानियों को पक्के निर्माण में तब्दील करना शुरू किया। और तब वन विभाग व प्रशासन के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई पांबदी नही लगाई गई। फलस्वरूप बडी संख्या मे युवा होटल व ढाबा ब्यवसाय के माध्यम से स्वरोजगार करने लगे और एक बडी आबादी का गाॅव पलायन होने से बच गया। लेकिन अब बेदखली के ओदश प्रकाशित होने से पूरी भ्यूूडार वैली मे भारी आक्रोष है।
संपर्क करने पर बदरीनाथ के विधायक महेन्द्र भटट कहते है कि उनके द्वारा ग्रामीणों के साथ ही मुख्यमंत्री से वार्ता हुई है। और कई बार इस संबध मे वार्ताए हो चुकी है, बीच का रास्ता निकालने की योजना मे सरकार कार्य कर रही थी कि कोरोना महामारी के कारण इस पर समय रहते निर्णय नही लिया जा सका। कहा कि वे शीध्र ही मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव से इस संबध मे वार्ता कर उचित हल निकालने का प्रयास करेगे। व क्षेत्र को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने को लेकर भी आवश्यक प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का भरसक प्रयास करेगे।
सपंर्क करने पर नदंा देवी राष्ट्रीय पार्क के उप वन संरक्षक किसन चंद ने कहा कि जिला प्रशासन से घाॅधरिया से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के लिए सुरक्षा बल की मांग की गई है। सुरक्षा बल उपलब्ध होते ही अवैध अतिक्रमण हटने की कार्यवाही शुरू की जाऐगी। कहा कि अतिक्रमण हटाने की लागत का एस्टीमेट भी तैयार कर लिया गया है। कहा कि वे सिर्फ उच्च न्यायालय के आदेशो का अनुपालन कर रहे है।












