हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट।
थराली। तहसील थराली के अधिवक्ता देवेंद्र सिंह नेगी की पुत्री दिव्या नेगी ने चमोली जिले के परभक्षी कीटों पर शोध कर यंग साइंटिस्ट अवार्ड जीत
कर सीमांत जिला चमोली का नाम रोशन किया हैं।छात्र को प्रस्तुत शोध पत्र पर अस्थाई राजधानी देहरादून में आयोजित एक समारोह में अवार्ड से नवाजा गया हैं।
तहसील थराली के वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र सिंह नेगी की पुत्री दिव्या नेगी ने चमोली जिले के परभक्षी कीटों पर एक विस्तृत शोध पत्र तैयार किया हैं। डीएवी (पीजी) कॉलेज देहरादून में जंतु विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ पुष्पेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में तैयार किए गए शोध पत्र को उत्कृष्ट मानते हुए अवार्ड के लिए चुना गया। छात्रा दिव्या के पिता अधिवक्ता देवेंद्र नेगी ने यहां बताया कि बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में मेहनती दिव्या ने शोध पत्र तैयार करने से पहले ही सीएसआईआर- यूजीसी नेट,गेट,यूसेट जैसी परीक्षाएं अपने बलबूते उत्तीर्ण कर चुकी हैं। इसके बाद डीएवी कॉलेज देहरादून में जंतु विज्ञान विभाग के सौजन्य से उसने चमोली जिले में पाएं जाने वाले परभक्षी कीटों पर एक विस्तृत वैज्ञानिक शोध पत्र तैयार किया और उस शोध पत्र को कालेज के जन्तु विज्ञान विभाग में जमा करवा, तैयार किए गए शोध पत्र का कालेज में विस्तृत अध्ययन किए जाने पर उस शोध पत्र को अन्य वैज्ञानिकों को भेजा गया। तैयार शोध पत्र को उत्कृष्ट माना गया और अवार्ड के लिए चुना गया। बताया कि गत दिवस देहरादून के उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट) की ओर से विज्ञान धाम झाझरा में आयोजित 21 वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन में शोध पत्र पर छात्रा को राज्य की मुख्य सूचना आयुक्त आईएएस राधा रतूड़ी, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रोफेसर दुर्गेश पंत एवं संयुक्त निदेशक डॉ डीपी उनियाल ने पुरस्कृत करते हुए तैयार किए गए शोध पत्र की सराहना की। दुरस्त क्षेत्र की दिव्या को शोध पत्र पर पुरस्कृत होने पर थराली बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीडी कुनियाल, उपाध्यक्ष जय सिंह बिष्ट, ललित मिश्रा सहित तमाम अन्य अधिवक्ताओं एवं शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने छात्रा को बधाई देते हुए कहा कि दिव्या की इस उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य छात्र-छात्राओं को भी एक प्रेरणा मिलेगी।













