रिपोर्ट.कमल बिष्ट।
कोटद्वार। श्रम विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में 167 लाभार्थियों को सहायता राशि के चैक वितरित किए गए। अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में वन मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने 35 महिलाओं को प्रसूति चैक, 106 श्रमिकों को कन्या विवाह के लिए चैक, 27 श्रमिक आश्रितों को श्रमिक की मौत होने पर चैक, कुल 96 लाख 62 हजार की धनराशि के चैक वितरित किए।
हरक सिंह रावत ने कहा कि साढ़े चार साल पहले स्वयं भी इस सरकार में मंत्री था, लेकिन मुझे खुद मालूम नहीं था कि हम इतनी योजना चला सकते हैं। हमने सभी 13 जनपदों में श्रमिकों का पंजीकरण कराया। पूर्व में 1.4 लाख और पौड़ी में 7 लाख रजिस्ट्रेशन थे। पौड़ी जनपद में 32 लाख रजिस्ट्रेशन हैं। पूरे प्रदेश में 35 लाख रजिस्टेशन कराए। जन्म से लेकर मृत्यु तक श्रमिकों के साथ खड़ा होने का संकल्प लिया। पूरे देश में मात्र एक उत्तराखंड ही ऐसा राज्य है, जहां श्रमिकों के लिए सबसे ज्यादा योजनाएं संचालित हो रही हैं। विरोधी पार्टियों ने कहा कि घोटाला हो गया। श्रमिकों को सिलाई मशीन, साइकिल, सैनट्री नैपकीन देने में घोटला होता है, तो हम ऐसे आरोपों को झेलने के लिए तैयार हैं। श्रमिकों को कोरोना काल में दो हजार रुपये डाले गए। राशन किट दिए गए। कोई परिवार भूखा ना रहे। 20 हजार राशन किट अपनी ओर से बांटकर हर परिवार तक राशन पहुंचाने का काम किया। इतना राशन कहीं नहीं बंटा, जितना कोटद्वार विधान सभा में बंटा।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस अवसर पर पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष रश्मि सिंह, वनमंत्री के ओएसडी कुलदीप रावत, पीआरओ सीपी नैथानी, ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष बृजपाल राजपूत, पार्षद सुभाष पांडेय, नीरूबाला खंतवाल, लीला कर्णवाल, राकेश मित्तल, सहायक श्रम आयुक्त अरविंद सैनी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी वीपी जुयाल, प्रदीप सैनी आदि मौजूद रहे।









