कमल बिष्ट, द्वारीखाल। विधानसभा यमकेश्वर के सिलोगी, द्वारीखाल, चेलूसैंण, कोटद्वार भाबर सहित कई पर्वतीय गांवों में किसान फसलों पर कीटों का लगातार हमले से खासे परेशान दिखते नजर आ रहे हैं। खासकर निर्धन व मध्य वर्गीय ग्रामीणों ने अपने खेतों में मंडवा,गहत,उड़द,मक्का व तिल आदि की फसल की बुआई की गई लेकिन कीटों के हमले से उनकी गहत, उड़द, मंडवा, मक्का, तिल सहित अन्य बेशकीमती फसलों को कीटों ने खाकर नष्ट कर रहे है।

जिससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है। जिसके चलते आने वाले समय के लिए आर्थिक संकट साफ नजर की चिन्ता उनके चेहरों पर आने लगी है। किसानों का कहना है कि महंगी दवाईयां जिसकी पकड़ से गरीब परिवार कोसों दूर है। उनकी सामर्थ्य नहीं कि वह इतनी महंगी दवाई खरीद सकें। वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने मांग की है कि उनके उन्हें नि:शुल्क कीटनाशक असरदार दवाई उपलब्ध की जा सके। जिससे वह अपनी फसलों को ऐसे बचा सकें।
किसानों का कहना है कि फिलहाल कुछ तो नीमएड का छिड़काव कर रहे हैं। कहा कि अगर सभी काश्तकार एक साथ अपनी फसलों पर कीटनाशक दवाई का छिड़काव करेंगे तो फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीट का खात्मा हो सके और फसलों को ऐसे कीटों से बचाया जाके।वहीं कृषि अधिकारी अरविंद भट्ट ने बताया कि किसानों को फसल पर लगने वाले कीटों पर बराबर नजर रखनी होगी जिससे नुकसान पहुंचाने वाले को आसानी से नष्ट किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि रसायन व जैविक दोनों प्रकार की दवाइयां देर से असर करती हैं। विभाग में जैविक कीटनाशक व रसायन कीटनाशक दोनों उपलब्ध हैं इनको विभाग से ले सकते हैं आजकल कीटों का प्रकोप बहुत फैल रहा है ज्यादातर मक्की की फसल को बर्बाद कर रहा है जो फॉल आर्मीवर्म इस कीड़े को पहचान का तरीका अच्छा है इसकी सिर पर हवाई आकार का निशान बना होता है और इस कीड़ा अपनी लाल स्टेज में पतियों को क्लोज कर खाता है इसकी पहचान के लिए किसानों को लगातार निगरानी रखना बहुत जरूरी है इसके लिए किसानों को अपने खेतों में खरपतवार को फैलने नहीं देना उसकी निराई गुड़ाई करते रहना है।
इसके लिए विभाग में जैविक दवाई है जैसे नीम आयल है लेकिन कुछ किसानों के साथ यह समस्या आ रही है कि इसका प्रभाव कम पड़ रहा है उसका कनेक्शन बढ़ा सकते हैं 5 लीटर प्रति की दर से ही डालते थे अब 10 लीटर प्रति के हिसाब से डाल सकते हैं कीड़ों की बढ़ने से सारी फसल नष्ट कर देता है उन्होंने कहा कि ऐसी बातें हमारे संज्ञान में आई हैं हमने कर्मचारियों को कह दिया है कि निरंतर उसकी मॉनिटरिंग कर 77 स्प्रे भी करें यम्केश्वर ब्लॉक में ग्राम द्वारीखाल में डाली दुकानों का प्रकोप देखा गया है हमारे कर्मचारी निरंतर क्षेत्रों में बने हुए हैं इस पर स्प्रे कर रहे हैं इसमें एक दवाई है वह कृषि विभाग में उपलब्ध नहीं है जिसे एमोमैक्टीन के नाम से जाना जाता है वह उपलब्ध है जो भाबर क्षेत्र में एक स्टोर में मिल रहा है जो कारगर साबित हो रही है इसे 1 ग्राम प्रति मिलि लीटर की दर से पानी में जरूरत के हिसाब से छिड़काव करें। इससे फायदा मिलेगा।











