डोईवाला, (प्रियांशु सक्सेना)। थाना रानीपोखरी पुलिस ने ऑनलाइन स्कैनर व फर्जी खातों के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। थानाध्यक्ष विकेंद्र चौधरी ने बताया कि बीती 31 जनवरी को प्रशांत रावत निवासी भोगपुर, रानीपोखरी द्वारा थाने में लिखित तहरीर दी गई थी। तहरीर में बताया गया कि अभियुक्तों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर उनकी सास के नाम से संचालित शहीद सुबाव फिलिंग स्टेशन (पेट्रोल पंप) रानीपोखरी के बैंक खाते के स्कैनर का दुरुपयोग करते हुए अवैध लेन-देन किया तथा करीब 4 लाख 50 हजार रुपये की धनराशि फ्रिज करा दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने 01 फरवरी को अभियुक्त युवराज सिंह भाटी (23) निवासी थाना भंवड़ा, जिला नागौर, राजस्थान हाल निवासी जोधपुर, राजस्थान को पेट्रोल पंप के समीप जाखन नदी की ओर जाने वाली सड़क, नागाघेर, रानीपोखरी से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से विभिन्न बैंकों के चार डेबिट कार्ड तथा 35 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अभियुक्त युवराज सिंह ने स्वीकार किया कि लगभग दो-तीन वर्ष पूर्व उसकी मुलाकात निशांत विश्नोई उर्फ दिलखुश और श्रवण विश्नोई निवासी जोधपुर से हुई थी। उन्होंने पैसों का लालच देकर उसे अपने साथ जोड़ लिया। गिरोह द्वारा अलग-अलग राज्यों के लोगों से फोन व ऑनलाइन संपर्क कर पांच प्रतिशत कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, स्कैनर और अन्य विवरण प्राप्त किए जाते थे। युवराज सिंह व श्रवण विश्नोई उन खातों से, जिनमें ऑनलाइन फ्रॉड की रकम आती थी, पैसे निकालकर निशांत विश्नोई को देते थे, जिसमें से कुछ हिस्सा उन्हें कमीशन के रूप में मिलता था। इसी क्रम में ऋषिकेश निवासी प्रमोद उर्फ पम्मी के माध्यम से रानीपोखरी पेट्रोल पंप का स्कैनर प्राप्त किया गया, जिसे निशांत ने अपने अन्य साथियों को भेज दिया। इसके बाद खाते में ऑनलाइन धोखाधड़ी की रकम ट्रांसफर कराई गई और अलग-अलग दिनों में पेट्रोल पंप के कर्मचारियों की मदद से लगभग चार से पांच लाख रुपये की निकासी की गई। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप, फेसबुक और फर्जी एप्स के माध्यम से लिंक भेजकर लोगों से बैंक खातों की जानकारी प्राप्त कर ऑनलाइन धोखाधड़ी को अंजाम देते थे। आरोपी ने अधिक पैसे कमाने के लालच में अपने साथियों के साथ मिलकर इस अपराध को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की गहन जांच जारी है।












