डॉ० हरीश चन्द्र अन्डोला
प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट ऑल वेदर रोड पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. जिला मुख्यालय से महज 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बड़ेथी में गंगोत्री हाईवे का करीब 250 मीटर लम्बा पैच धंसने लगा है. साथ ही गंगोत्री हाईवे पर करीब 1 से 2 इंच चौड़ी दरारें आ गई हैं, जिससे आसपास के घरों पर खतरा मंडराने लगा है.नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लि.) ने दो महीने पहले ही मातली से लेकर बड़ेथी तक गंगोत्री हाईवे का चौड़ीकरण कर ऑल वेदर रोड का निर्माण पूरा किया था. अरबों की लागत से चल रहे आल वेदर रोड के निर्माण कार्यों में किस प्रकार घटिया गुणवत्ता के साथ योजना को पलीता लगाया जा रहा है, इसकी हकीकत बयां कर रहा है बड़ेथी में गंगोत्री हाईवे. यहां घटिया गुणवत्ता की बड़ी तस्वीरें सामने आई है. उत्तराखंड के सबसे बड़े टिहरी बांध की झील से चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में भूधंसाव बढ़ता जा रहा है। भूधंसाव और भूस्खलन से हवाई पट्टी के समीप गंगोत्री हाईवे सहित कई सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों और आवासीय भवनों के निकट दरारों का खतरा मंडराने लगा है। उत्तरकाशी जनपद के चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में टिहरी झील से हो रहे लगातार भू-कटाव ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है. करीब चार वर्ष पहले मुख्य बाजार की सुरक्षा के लिए बनाई गई लगभग पांच करोड़ रुपये लागत की सुरक्षा गेविंग दीवार अब झुक गई है, जिससे गंगोत्री हाईवे और आसपास के रिहायशी इलाकों पर खतरा मंडराने लगा है.स्थानीय लोगों के अनुसार टिहरी झील का जलस्तर बढ़ने और घटने के कारण लंबे समय से भू-कटाव की समस्या बनी हुई है. इसी खतरे को देखते हुए टीएचडीसी द्वारा मुख्य बाजार के समीप झील से गंगोत्री हाईवे तक लगभग 30 मीटर ऊंची सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया था. उद्देश्य था कि झील की ओर से होने वाले कटाव को रोका जा सके और बाजार व सड़क सुरक्षित रह सकें.लेकिन अब यह दीवार गंगोत्री हाईवे की ओर से करीब तीन मीटर तक झुक गई है. दीवार के झुकने का असर सीधे सड़क पर दिखाई दे रहा है. हाईवे पर जगह-जगह दरारें उभर आई हैं और जोगत-देवीसौड़ मोटर मार्ग भी प्रभावित हुआ है. सड़क किनारे लगा बिजली का पोल तक झुकी हुई दीवार की ओर झूलता नजर आ रहा है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है.पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ने बताया कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी में कमी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है. उनका कहना है कि स्थानीय लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं. यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो मुख्य बाजार, आवासीय भवनों और महत्वपूर्ण गंगोत्री हाईवे को गंभीर नुकसान हो सकता है.चिन्यालीसौड़ बाजार क्षेत्र पहले से ही संवेदनशील माना जाता है. भू-धंसाव की आशंका से स्थानीय व्यापारियों और निवासियों में दहशत का माहौल है. लोगों ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों से तत्काल तकनीकी जांच कर प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है.यदि शीघ्र मरम्मत और स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले समय में यह समस्या बड़े संकट का रूप ले सकती है. करीब चार वर्ष पूर्व पांच करोड़ की लागत से इनका निर्माण किया गया था लेकिन कार्य गुणवत्ता और निगरानी न होने के कारण झील से हो रहे कटाव के कारण यह दीवार ऊपर से करीब तीन मीटर झुक गई है। गंगोत्री हाईवे पर लगा पोल इसका उदाहरण है जो सड़क से अब झुकी हुई दीवार पर झूल रहा है। साथ ही दीवार के झुकने के कारण अब गंगोत्री हाईवे सहित आसपास में मोटी दरारें आ गई है। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ने कहा कि इसकी कई बार शिकायत करने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। इसलिए अब सड़क के साथ बाजार और आवासीय भवनों पर भू-धंसाव का खतरा बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी लापरवाही के बाद भी भी जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है. शायद शासन और प्रशासन तब जागेगा, जब कोई बड़ा हादसा हो जाएगा. अब सड़क के साथ बाजार और आवासीय भवनों पर भू-धंसाव का खतरा बन गया है। लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.












