
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। भगवान बद्रीविशाल के कपाट खुलने की मान्य धार्मिक परंपरा के अनुसार बृहस्पतिवार को जोशीमठ नरसिंह मंदिर परिसर मे गरुड़छाड़ उत्सव का भब्य धार्मिक आयोजन सम्पन्न हुआ।
मान्यता है कि भगवान नारायण शंकराचार्य गद्दी स्थल से अपने वाहन गरुड़ से ही बद्रिकाश्रम के लिए प्रस्थान करते हैं, धार्मिक आयोजनों का निर्वहन करने वाली जोशीमठ की प्रतिष्ठित संस्था देवपुजाई समिति के तत्वावधान में गरुड़छाड़ उत्सव का आयोजन होता है।
जोशीमठ निवासी मेहरा परिवार द्वारा गरुड़ एवं भगवान नारायण के श्रीविग्रहों को एक निश्चित स्थान पर पहुंचाकर भगवान का अभिषेक व खीर भोग चढ़ाते हैं, उसके बाद एक ऊंचे स्थान से रस्सी के सहारे पहले गरुड़ जी व उनके पीछे भगवान नारायण को छोड़ते हैं। भगवान की इस दिब्य धार्मिक परंपरा का निर्वहन देवपुजाई समिति वर्षों से करती आ रही है।
इस उत्सव मे पहली बार ज्योतिर्मठ एवं द्वारका के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती एवं उनके शिष्य प्रतिनिधि स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज की प्रेरणा से ब्रह्मचारी मुकुंदानंद जी महाराज द्वारा काशी की भब्य गंगा आरती का आयोजन किया गया, इस ऐतिहासिक दृश्य को देखने के लिए हजारों लोग उत्सव स्थल पर मौजूद रहे।
इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी श्री रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, नायब रावल श्री अमर नाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल, बद्री केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष किशोर पंवार, जोशीमठ की एसडीएम कुमकुम जोशी, तहसीलदार रवि शाह, देवपुजाई समिति के अध्यक्ष भगवती प्रसाद नंबूरी, वरुण कंवाण, विशम्बर सिंह कवाण, अपर धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, पूर्व धर्माधिकारी आचार्य जगदम्बा प्रसाद सती, ब्रह्मचारी मुकुंदानंद जी वेदपाठी रविन्द्र भट्ट, पूर्व वेदपाठी कुशला नन्द बहुगुणा, नगर पालिका के पूर्व ईओ बीपी कपरूवाण,मंदिर अधिकारी राजेंद्र सिंह चौहान, बरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, पूर्व पालिकाध्यक्ष रोहणी रावत, पूर्व प्रमुख सुचिता चौहान, बीकेटीसी के पूर्व सदस्य हरीश डिमरी, पूर्व पीआरओ पीबी थपलियाल, महिमा नन्द उनियाल, अभिषेक बहुगुणा सहित जोशीमठ क्षेत्र की महिला मंगल दलों के अलावा बड़ी संख्या मे श्रद्धालु मौजूद रहे।
देवपुजाई समिति के अध्यक्ष भगवती प्रसाद नंबूरी एवं ब्रह्मचारी मुकुंदानंद जी महाराज ने सभी श्रद्धालुओं का इस देवदर्शन कार्यक्रम मे पहुंचने पर आभार व्यक्त किया।









