प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। विश्व सांस्कृतिक धरोहर रम्माण का यहाँ रम्माण की धरती सलूड़.डूंगरा में भब्य आयोजन हुआ। वैसाखी पर्व से शुरू हुई विभिन्न पूजाओं के अंतिम दिन रम्माण मेले का समापन हुआ।
रम्माण मेले में नृत्य द्वारा रामलीला मंचन, मुखौटा नृत्य केसाथ माल युद्ध, मोर मोरिण नृत्य को देखने के लिए लोगोंका हुजुम उमड़ पड़ा।
एनटीपीसी द्वारा भी रम्माण मंच निर्माण की सहमति दी गई है।
रम्माण को विश्व पटल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाले रम्माण के संयोजक डॉ कुशल भण्डारी ने सभी आगन्तुकों का स्वागत किया।











