देहरादून। उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल राज्य बनने से पहले राज्य की जमीन को बचाने की बात करते आया है, धारा 371 विभिन्न राज्यों में अलग अलग प्रावधानों को लेकर लागू है, दल का यही मानना है कि धारा 371 के अंतर्गत कड़े प्रावधान बनाकर राज्य के जमीन बचाने के लिए कड़ा भू कानून लागू किया जाना चाहिए।
श्री ऐरी ने कहाँ कि उक्रांद उतराखंड सख्त भू कानून अन्दोलन यात्रा का समर्थन करता है, जो सिविल सोसाइटी के श्री प्रभात कुमार द्वारा 10 दिसम्बर से उतराखंड के 13 जिलों में सख्त भू कानून की मांग को लेकर प्रचंड यात्रा होने जा रही है। ये यात्रा 10 दिसम्बर से मुख्यमंत्री के आवास देहरादून से प्रारम्भ होगी और चकराता, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी, कर्णप्रयाग, गैरसैंण, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत, टनकपुर, खटीमा, होते हुए हल्द्वानी, हरिद्वार वापस देहरादून ग़ांधी पार्क पर समापन होगा।
यात्रा प्रचंड होगी, क्योंकि आन्दोलन भू कानून को लेकर राज्य के सभी 13 जिलों में चलाया जाएगा। उतराखंड क्रांति दल के इस यात्रा से जुड़ने से सख्त भू कानून आंदोलन यात्रा को मजबूती मिलेगी। यात्रा 1000 किलोमीटर की होगी। यात्रा का समर्थन जनपदों में दल के जिलाध्यक्ष करेंगे। उतराखंड की जनता 21 साल से जिन राष्ट्रीय दलों भाजपा, काँग्रेस की शोषण और भ्रष्टाचार में लिप्त राजनीति का शिकार हुई है, उस से निकलने में जनता उतराखंड क्रांति दल को 2022 के चुनावों में उतराखंड का विकल्प मान रही है। यूकेडी ने सख्त भू कानून अन्दोलन यात्रा में 13 जिलों के अपनी संग़ठन की ताकत को झोंकते हुए पूर्ण समर्थन दिया है।
यात्रा का मकसद उतराखंड की जनता को भू कानून को लेकर जागरूक करना है। जनता 2022 के चुनावों में इस को बड़ा मुद्दा मान रही हैं। उक्रांद इस यात्रा को समर्थन के साथ स्पष्ट कहना चाहता है कि उत्तराखंड क्रांति दल की सरकार बनने के 24 घंटे के अंतर्गत पहली कलम सख्त भू क़ानून लागू करेगा। इस अवसर पर बी डी रतूड़ी, हरीश पाठक, चंद्र शेखर कापड़ी, किशन मेहता, सुनील ध्यानी, विजय बौडाई, शिव प्रसाद सेमवाल, राजेंद्र बिष्ट, डॉ वी के ओली, अनिरुद्ध काला, राहुल गाड़िया सिविल सोसाइटी के प्रभात कुमार, पूजा चमोली, सीमा रावत आदि उपस्तिथ थे।









