फोटो- जोशीमठ-मलारी सीमान्त रोड कई स्थानों पर हुई अवरूद्ध ।
प्रकाश कपरूवाण
जोशीमठ। मूसलाधार बारिश ने नीती घाटी मंे भी भारी तबाही मचाई है। जोशीमठ-मलारी रोड कई स्थानांे पर क्षतिग्रस्त हो गई है। कई गॉवों के संपर्क मार्ग व तपोवन में गर्मपानी का पौराणिक स्रोत भी क्षतिग्रसत हुआ है।
तीन दिनों की मूसलाधार वारीश ने नीती-मलारी घाटी मे भी भारी तबाही मचाई हैं, तपोवन में आईटीबीपी कैम्प के पास सडक पर मलबा आने से सडक अवरूद्ध तो हुई है, इसके मलबे ने तप्तकुंड का सपंर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त कर दिया है, तपोवन से शलधार मे गर्मपानी के सा्रेत के समीप सडक पूरी तरह से टूट गई है। यहॉ कई स्थानो ंमे मलबा आने से सडक अवरूद्ध हो गई है।, यही स्थिति तमक-सुराईथोटा की है, तमक की चटटान से एक बार फिर पत्थरों की वर्षोत शुरू हो गई है। जिसके चलते यहॉ पर सडक खोलने का कार्य करना भी मुश्किल हो रहा है।
मूसलाधार वारीश के कारण कई गॉवों के खेत लहलहाती फसंलों सहित भूस्खलन की भेंट चढ गए तो कई गॉवो के पैदल सपंर्क मार्ग पूरी तरह ध्वस्त हो गए है। तपोवन व भलगॉव के साथ ही अन्य कई गॉव भूस्खलन की जद मे आ गए है।
सूखी-भलगॉव के प्रधान लक्ष्मण सिंह बुटोला ने किसी तरह जोशीमठ तहसील मुख्यालय पंहुचकर जोशीमठ से सुराईथोटा तक सडको की स्थिति के साथ ही भूस्खलन के कारण सूखी भलगॉव को हो रहे नुकसान की भी जानकारी स्थानीय प्रशासन को देते हुए त्वरित सवेक्षण कराकर आवागमन सुलभ कराने का आग्रह किया है।











