डॉ. हरीश चन्द्र अन्डोला
चार धाम यात्रा 2026 के तहत विश्व विख्यात केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को खुलेंगे, जिसको लेकर तैयारियां तेजी से चल रही है. हैली सेवा के जरिए बाबा केदारनाथ के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का जेब खर्च इस बार बढ़ रहा है, क्योंकि हेली टिकट की कीमत में काफी बढ़ोतरी हुई है. केदारनाथ यात्रा के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकेडा) ने हेली सेवाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है. इस वर्ष कुल 8 हेली कंपनियां केदारनाथ धाम के लिए अपनी सेवाएं देंगी. प्रदेश सरकार इस वर्ष केदारनाथ हेली सेवाओं को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू करने जा रही है। इसके तहत उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) हेलीपैड पर आधुनिक उपकरण सेलोमीटर लगाने और हेलीकाप्टरों में कैमरे स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। यह व्यवस्था विशेष रूप से केदारनाथ यात्रा के दौरान हवाई सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। साथ ही चारों धाम के लिए संचालित होने वाली चार्टर सेवाओं में भी कैमरों के उपयोग पर विचार चल रहा है।प्रदेश में चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवाओं का प्रयोग बढ़ जाता है। इस दौरान केदारनाथ के लिए नियमित शटल सेवाएं संचालित की जाती हैं, साथ ही देहरादून से शेष अन्य तीन धाम के लिए चार्टर सेवाओं का भी प्रयोग किया जाता है। गत वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान पहले चरण में पांच हेली दुर्घटनाएं हुई थीं। इनमें 13 व्यक्तियों की मौत हुई। इन दुर्घटनाओं की प्रारंभिक जांच में खराब मौसम, घने बादल, लो विजिबिलिटी और सुरक्षा नियमों की अनदेखी को जिम्मेदार माना गया।यही कारण रहा कि दूसरे चरण में विशेष एहतियात के साथ हेली सेवाएं संचालित की गईं। इस वर्ष अब हेली सेवाओं को और अधिक सुरक्षित बनाने को कदम उठाए जा रहे हैं। इसके तहत सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी स्थित नौ हेलीपैड में सेलोमीटर लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से हवाई दृश्यता, बादलों की ऊंचाई और मौसम की सटीक जानकारी प्राप्त हो सकेगी, जिससे उड़ान संचालन को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकेगा। वहीं हेलीकाप्टर में कैमरे लगाने से उड़ान के दौरान होने वाली गतिविधियों की निगरानी संभव होगी।केदारनाथ सेवा के दौरान प्रदेश में इस वर्ष हेली सेवाओं को नियंत्रित करने की तैयारी है। इसके तहत गत वर्ष की भांति ही सीमित संख्या में हेली सेवाओं का संचालन किया जाएगा।इस वर्ष यूकाडा ने पायलट के लिए भी कुछ प्रविधान किए हैं। इसके तहत पायलट की आयु 60 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उसे पर्वतीय क्षेत्रों में 100 घंटे की सिंगल पायलट फ्लाइंग का भी अनुभव होना चाहिए।इस बार हेली कंपनियों के पास एक स्टैंड-बाय हेलीकाप्टर होना जरूरी होगा। इसी प्रकार दो हेलीपैड से तीन और तीन हेलीपैड से हेली सेवा देने वाले के पास चार हेलीकाप्टर होने चाहिए, ताकि अपरिहार्य स्थिति में हेली सेवा प्रभावित न हो।उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने केदारनाथ हेली सेवा के टिकट बुकिंग की तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार हेली टिकट की शत प्रतिशत बुकिंग आईआरसीटीसी के माध्यम से ऑनलाइन होगी। 10 अप्रैल से बुकिंग पोर्टल खोलने की तैयारी है। पहले चरण के स्लॉट में 20 दिन की यात्रा के लिए हेली टिकट की बुकिंग की जाएगी। हेली टिकट की कालाबाजारी रोकने के लिए इस वर्ष शत प्रतिशत बुकिंग ऑनलाइन आईआरसीटीसी के माध्यम से की जाएगी। 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुल रहे हैं। 10 या 11 अप्रैल से आईआरसीटीसी बुकिंग पोर्टल को खोला जाएगा। 20-20 दिन के स्लॉट में चरणबद्ध तरीके से बुकिंग की जाएगी। मौसम व यात्रियों की संख्या का आकलन करते हुए अगले चरण की टिकट बुकिंग खोलने का निर्णय लिया गया। यूकाडा के सीईओ ने आईआरसीटीसी को शीघ्र ही बुकिंग पोर्टल अपडेट करने के निर्देश दिए।तय दरों के अनुसार, गुप्तकाशी से केदारनाथ का एकतरफा किराया 6,077 रुपए, फाटा से 4,840 रुपए और सिरसी से 3,043 रुपए प्रति व्यक्ति रखा गया है. इन दरों में जीएसटी और बुकिंग शुल्क अतिरिक्त होगा. पिछले साल गुप्तकाशी से आने-जाने का किराया 12,444 रुपए, फाटा से 8,842 रुपए और सिरसी से 8,839 रुपए निर्धारित था. हालांकि, इस वर्ष नई टेंडर प्रक्रिया के बाद किराए को संशोधित किया गया है. प्रशासन का दावा है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी कर ली जाएंग, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना ना करना पड़े. साल 2025 में चारधाम यात्रा के दौरान पांच हेली दुर्घटनाएं हुई थी, जिसको देखते हुए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण की ओर से इस साल विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं. मुख्य रूप से हेली दुर्घटनाओं के बाद डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) की ओर से हेली संचालन को लेकर तमाम जरूरी दिशा निर्देश दिए गए थे, जिसमें मुख्य रूप से शटल सेवाओं को 30 फीसदी कम करने के साथ ही एटीसी स्थापित करने पर जोर दिया गया था. 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा की शुरुआत होने जा रही है. लेकिन इससे पहले ही साइबर ठग एक्टिव हो गए हैं और श्रद्धालुओं के साथ ठगी करना शुरू कर दिया है. ऐसे में अगर आप इस साल चारधाम यात्रा करने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत है. आपकी जानकारी के लिए बता दें, कि चारधाम यात्रा में केदारनाथ धाम में हेलीकॉप्टर सेवा के टिकट बुकिंग के नाम पर श्रद्धालुओं को ठगी का शिकार बनाया जाता है. साइबर ठगी करने वाले अपराधी असली वेबसाइट की तरह फर्जी वेबसाइट बनाते हैं, जिसके कारण लोग असली की पहचान नहीं कर पाते हैं और धोखाधड़ी-ठगी का शिकार हो जाते हैं. केदारनाथ यात्रा से पहले हेलीकॉप्टर बुकिंग शुरू होते ही साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। जिलाधिकारी ने एडवाइजरी जारी कर श्रद्धालुओं को सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने कहा कि ठग फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया विज्ञापन और व्हाट्सएप मैसेज के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।यूकेडा ने साफ किया है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों और संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर और भरोसेमंद सेवाएं मिल सकें।.लेखक विज्ञान व तकनीकी विषयों के जानकार दून विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं.












